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बदायूं के वकील से रिश्वत लेते दिल्ली पुलिस का दरोगा व सिपाही गिरफ्तार

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बदायूं में सोमवार को वकील से रिश्वत लेते पकड़े गए दरोगा व सिपाही से पूछताछ करते एसडीएम और सीओ। (फा? - फोटो : BADAUN
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बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सोमवार को दिल्ली पुलिस का एक दरोगा व सिपाही बदायूं के वकील से रिश्वत लेते पकड़े गए। कार्रवाई वकील की शिकायत पर एसएसपी के निर्देश पर हुई। दरोगा और सिपाही बरेली से एक युवक पकड़कर लाए थे। किशोरी को अगवा करने के मामले में लड़की की शादी कराने के संबंध में फर्जी कागजात तैयार करने का आरोप लगाकर वकील से रिश्वत मांग रहे थे। थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मामला दिल्ली के कालिका जी थाने से जुड़ा है। कुछ माह पहले इसी थाना क्षेत्र की एक किशोरी लापता हो गई थी। उसके अपहरण के आरोप में कालिका जी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसकी विवेचना दरोगा पवन यादव कर रहा था। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के मुताबिक सोमवार सुबह दरोगा, सिपाही कुलदीप यादव और महिला सिपाही को लेकर बरेली पहुंचा। उसने लड़की ले जाने के आरोपी राजू को उसके गांव आनंदपुर थाना शाही से पकड़ लिया।
जब दरोगा ने पूछताछ की तो राजू ने बताया कि उसने लड़की से शादी कर ली है। इसके कागजात बदायूं के वकील नेकपाल कश्यप से तैयार कराए हैं। इसी संबंध में टीम दोपहर में वकील के घर पहुंची। यहां वकील को धमकाया कि फर्जी कागजात तैयार कर लड़की को नाबालिग से बालिग बनाया है। दरोगा ने मामला रफादफा करने के लिए वकील से 12 लाख रुपये मांगे लेकिन सौदा 1.60 लाख में हुई। इस दौरान वकील ने किसी तरह एसएसपी को पूरे मामले की सूचना दे दी। इस पर एसडीएम सदर एसपी वर्मा और सीओ आलोक मिश्रा की संयुक्त टीम ने दातागंज तिराहे पर वकील से रुपये लेते हुए दरोगा व सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें महिला सिपाही और कार के ड्राइवर को क्लीन चिट दी गई है।
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शाम को वकील ने फोन करके रिश्वत मांगने के संबंध में जानकारी दी थी। इस पर टीम बनाकर मौके पर भेजा गया। दिल्ली के दरोगा व सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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एक फोन पर मिनटों में बनी टीम, चुटकियों में हुए गिरफ्तार
बदायूं। दातागंज तिराहे से रिश्वत लेते पकड़े गए दिल्ली पुलिस के दरोगा और सिपाही को गिरफ्तार करने में बदायूं पुलिस को जरा भी समय नहीं लगा। एसएसपी की एक कॉल पर टीम तैयार हो गई। चुटकियों में उन्हें दबोच लिया गया। उस दौरान आसपास मौजूद लोग ये समझ ही नहीं पाए कि आखिर क्या मामला था।
शाम के समय एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के पास वकील की कॉल आई। वकील नेमपाल कश्यप ने बताया कि बरेली के शाही थाना क्षेत्र के गांव आनंदपुर निवासी राजू कुछ समय पहले आया था। उसने कोर्ट मैरिज कराने को कहा तो उन्होंने उसकी शादी कराने के लिए कागजात तैयार करा दिए। आज उनके घर दिल्ली के कालिका जी थाने से दरोगा पवन कुमार यादव और सिपाही कुलदीप आए हैं। वह कह रहे हैं कि जो कागजात तैयार कराए थे वह फर्जी हैं। अब वे उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। गलती है तो इसकी सजा भी बड़ी होगी। बाद में मामला निपटाने की बात करने लगे और उनसे 12 लाख रुपये मांगे। 1.60 लाख में सौदा हो गया है। अब वह रुपये लेने के लिए दातागंज तिराहे पर बुला रहे हैं।
एसएसपी ने रुपये लेकर वकील को दातागंज तिराहे पर जाने को कहा। साथ ही एसएसपी ने घटनाक्रम की जानकारी डीएम दीपा रंजन के संज्ञान में दी। तब मिनटों में पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम तैयार हो गई। एसडीएम सदर एसपी वर्मा, सीओ आलोक मिश्रा और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी दातागंज तिराहे पहुंच गए। दोनों अधिकारी सादा कपड़ों में थे। जैसे ही वकील ने दरोगा को रुपये दिए, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसएसपी बोले- महिला सिपाही बनेगी गवाह
वकील से रिश्वत लेने के दौरान महिला सिपाही शीतल को मामले की जानकारी नहीं थी। दरोगा और सिपाही ने उसके पीछे ही पूरा सौदा कर लिया। हालांकि रुपए देने के दौरान महिला सिपाही कार में मौजूद थी। उसे ये भी पता नहीं था कि अखबार में लिपटे हुए रुपये हैं। दरोगा और सिपाही ने रुपये गिने। तभी वह पकड़े गए। इस पूरे मामले की जानकारी न होने की वजह से महिला सिपाही को छोड़ दिया गया। एसएसपी ने कहा कि उसे आरोपी नहीं बनाया गया है कि वह गवाह बनेगी।
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आरोपी राजू के खिलाफ कार्रवाई करेगी कालिका जी पुलिस
लड़की बालिग है या नाबालिग, ये कालिका जी थाना पुलिस व दिल्ली न्यायालय के स्तर से तय होगा। राजू के खिलाफ कार्रवाई भी कालिका जी थाना पुलिस करेगी। फिलहाल उसे सिविल लाइंस थाने में बैठा लिया गया है।
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निजी ड्राइवर को लेकर आया था दरोगा
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में रिश्वत लेते पकड़ा गया दरोगा अपने साथ निजी ड्राइवर सुभाष को लाया था। पूछताछ के दौरान पता चला कि उसे भी रिश्वत लेने के बारे में जानकारी नहीं थी। इससे पुलिस ने उसके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की है। संवाद
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