धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग की जताई आशंका
आदेश की प्रति मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजने का निर्देश दिया है। इस आदेश में कहा है कि मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर, लालच, शादी, नौकरी आदि का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसमें विदेशी फंडिंग की भी आशंका है। यह देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
प्रश्नगत मामले में मोहम्मद आलिम ने अपनी पहचान छिपाकर पीड़िता को धोखे में रखा। उससे शादी और यौन शोषण किया। कोर्ट ने कहा कि लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए ही प्रदेश सरकार ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 पारित किया है। संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म को मानने, उसका प्रचार-प्रसार करने का मौलिक अधिकार देता है। धर्म की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण के रूप में नहीं बदला जा सकता।