स्वीकारी हत्या की वारदात
दोनों बदमाशों ने स्वीकार किया कि 20 सितंबर की रात वह अपने तीसरे साथी उझानी थाने के दादोनगर निवासी हसनबी के साथ चोरी करने आंवला आए थे। आंवला चौकी के पास एक घर में बाहर से लगा ताला तोड़ रहे थे तभी पड़ोस के घर से निकले एक व्यक्ति (श्रीकांत पाटिल) ने उन्हें टोक दिया। पकड़े जाने के डर से वह भाग निकले। इससे पहले बजरुल ने उस व्यक्ति को गोली मार दी।
बजरुल पर 24 मुकदमे, लईक पर सात
बजरुल के खिलाफ करीब 24 मुकदमे विभिन्न धाराओं में बदायूं के सिविल लाइंस व कोतवाली थाने में दर्ज हैं। लईक के खिलाफ भी सिविल लाइन, कोतवाली व उझानी थाने में विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस को इनके पास से एक बाइक, दो तमंचे, आठ कारतूस, दो मोबाइल व आधार कार्ड आदि मिले। थाना प्रभारी समेत 14 पुलिसकर्मी टीम में शामिल रहे।
व्यापारी नेता बोले- खुलासे की नहीं है जानकारी
सराफ की हत्या के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर मोर्चा खोलने वाले उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय संगठन मंत्री सुनील गुप्ता ने बताया कि हमें मीडिया के जरिये ही खुलासे की जानकारी हुई है। हमने घटनास्थल के पास की फुटेज देखी थी जिसमें बदमाशों के चेहरे पर कपड़ा बंधा था। हालांकि कद काठी पता लग रही थी। पुलिस को चाहिए था कि व्यापारियों को भी खुलासे के बारे में जानकारी दी जाती। यह भी कहा कि हत्या भले ही बाहरी बदमाशों ने की हो पर आंवला का कोई बदमाश घटना में जरूर रहा होगा, उसका भी राजफाश करना चाहिए।
बढ़ाई गई पुलिस पर फायरिंग की धारा
आंवला कांड के खुलासे की मॉनिटरिंग कर रहे एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि दोनों आरोपियों के दोनों पैरों में गोली लगी है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में हत्या के साथ ही पुलिस पर हमले से संबंधित आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। प्रयास रहेगा कि बदमाशों को ज्यादा सजा हो, इनके तीसरे साथी की भी तलाश की जा रही है।