टीटीई पर अतिरिक्त कैश और बिना बर्थ के ही टिकट बनाने का आरोप
बरेली। इंटरसिटी एक्सप्रेस और वीआईपी ट्रेन लखनऊ मेल में विजिलेंस की चेकिंग के दौरान दौरान अतिरिक्त कैश और टीटीई पर बर्थ न होने पर टिकट बनाने के आरोप में रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस ने जंक्शन के सात टीटीई को चार्जशीट दी है। इनमें चार सीआईटी स्तर और तीन टीटीई स्तर का चेकिंग स्टॉफ है। सीनियर मुख्यालय की इस कार्रवाई से जंक्शन का चेकिंग स्टॉफ स्तब्ध है।
लॉक डाउन के बाद से चलीं बरेली से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और आला हजरत एक्सप्रेस में छोटी दूरी के यात्रियों से रुपये लेकर सफर करने की सूचना विजिलेंस टीम को लगातार मिल रही थी। दरअसल बरेली से मु़रादाबाद या अमरोहा जाने वाले ज्यादातर यात्री बिना रिजर्वेशन के टीटीई से सांठगांठ करते हुए आवागमन करते थे। उत्तर रेलवे मुख्यालय बड़ौदा हाउस की विजिलेंस टीम ने मुरादाबाद से हापुड़ स्टेशन तक नई दिल्ली-बरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस में सीआईटी जयराम और आला हजरत एक्सप्रेस के टीटीई नरेन्द्र कुमार, शकील अहमद और संतोष कुमार, ऊषा तिवारी, अरुण कुमार की रसीद बुक और कैश चैक किया। टीम ने पाया कि चारो टीटीई के पास रसीदों के कैश के अलावा भी अतिरिक्त रुपये भी थे। पूछताछ करने पर टीटीई बगले झांकने लगे और कोई जवाब नहीं दे सके। लखनऊ मेल में सीआइटी अनिल कुमार पर आरोप था कि उन्होंने चेकिंग से पहले ही तीन टिकट बना दिए थे। विजिलेंस ने बड़ौदा हाउस को रिपोर्ट दी थी। बृहस्पतिवार को बड़ौदा हाउस की ओर से सभी को चार्जशीट दी गई। मामले में बरेली जंक्शन पर तैनात रेलवे के अधिकारी खुल कर बोलने से बचते रहे।