प्रशासन की कार्रवाई से नाराज राइस मिलर्स ने अफसरों का किया घेराव
नवाबगंज। गोल्डन राइस मिल से दूसरी मिलों को बेचा जा रहा तीन ट्रॉली सरकारी चावल क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के विरोध में कई राइस मिलर वहां वहां इकट्ठे होकर विरोध करने लगे। उनका कहना था कि मिल पर उनके लाखों रुपये बकाया हैं, अगर ये चावल खाद्य विभाग ले जाएगा तो उनकी रकम फंस जाएगी। एसडीएम ने सरकारी चावल को गोदाम में रखवाकर मिल सील करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य विभाग ने किसानों से धान खरीदकर राइस मिलों को भेजा था। मिलों को चावल निकालकर देना था। नगर के अन्य राइस मिलों ने खाद्य विभाग को चावल भेज दिए लेकिन गोल्डन राइस मिल ने चावल नहीं दिया। खाद्य विभाग को सूचना मिली कि राइस मिलर रातोंरात चावल निकालकर दूसरी मिलों को बेच रहा है।
शनिवार को जब तीन ट्रॉलियों में भरकर चावल गोल्डन राइस मिल से बाहर भेजा जा रहा था, तभी क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ज्ञानचंद्र वर्मा ने मौके पर पहुंचकर चावल से लदी तीनों ट्रॉलियां पकड़ लीं। जानकारी मिलते ही नगर के अन्य राइस मिल स्वामी भी मौके पर पहुंच गए और चावल जब्त करने का विरोध करने लगे। उन लोगों ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को बताया कि उनके लाखों रुपये गोल्डन राइस मिल पर बकाया हैं। यदि खाद्य विभाग चावल ले जाएगा तो उनकी रकम फंस जाएगी।
सूचना मिलते ही एसडीएम वेदप्रकाश मिश्र भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रॉलियों से चावल उतरवाकर गोदाम में रखवा दिया। साथ ही पुलिस से वीडियोग्राफी कराकर मिल सील करने आदेश दिए हैं।
राइस मिलर पर सरकार का 1.88 करोड़ रुपया बकाया
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ज्ञानचंद्र वर्मा ने बताया कि राइस मिल पर सरकार के 1.88 लाख रुपये बकाया हैं। मगर उसके गोदाम में सिर्फ चार हजार क्विंटल चावल ही है। बाकी चावल कहां गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी। इस मामले से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
चावल गोदाम में रखवा दिया गया है। रविवार को राइस मिल सील करने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार के पैसे का किसी भी हाल में गबन नहीं होने दिया जाएगा। - वेदप्रकाश मिश्र, एसडीएम नवाबगंज
गोल्डन राइस मिल को 600 मीट्रिक टन धान का चावल बनाकर देना बाकी है। इसके चलते आरसी भी जारी कराई गई है। शनिवार को मिल से बाहर भेजा जा रहा चावल जब्त कर लिया गया है और मिल को सीज कराने की कार्रवाई कराई जा रही है। - सुनील भारती, जिला खाद्य विपणन अधिकारी