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संभलकर चलें... सिर्फ सड़कों पर नहीं सिस्टम में भी हैं ब्लैक स्पॉट

सार

जिले में सभी 22 ब्लैक स्पॉट पर पीडब्ल्यूडी का सुरक्षा इंतजाम करने का दावा परिवहन विभाग की जांच में निकला कागजी
 
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शेरगढ़ रोड चौराहा पर कट न होने से आए दिन हो रहे हादसे।
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विस्तार
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सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत हुआ सर्वे, एक भी ब्लैक स्पॉट पर नहीं मिले सुरक्षा इंतजाम

बरेली। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में नाकाम निर्माण एजेंसियों की ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम करने में भी लापरवाही साबित हुई हैं। हालांकि कागजों में ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं, लेकिन हाल ही में सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत परिवहन विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में 22 में से एक भी ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं मिला। ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम न होने से यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। सर्वे के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट अब शासन को भेजी जाएगी।
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जिले में हाईवे पर 22 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां डिजाइन की गड़बड़ी, तीव्र मोड़ या अन्य कारणों से आए दिन हादसे होते हैं। इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश बीते दिनों सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी समेत अन्य विभागों को दिए गए थे। हैरत की बात यह है कि अब तक यहां संबंधित विभागों की ओर से कोई काम नहीं कराया गया है। पीडब्ल्यूडी के साथ एनएचएआई भी ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने में नाकाम साबित हुई है। लगभग सभी ब्लैक स्पॉट पर संकेतक, गतिअवरोधक, क्रैश बैरियर समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं। ब्लैक स्पॉट पर रात में पर्याप्त दृश्यता के लिए लगाई र्गइं लाइटें भी खराब हैं।
परिवहन विभाग की ओर से कराए गए ब्लैक स्पॉट के सर्वे में अधिकांश जगह हादसे रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों का अभाव दिखा। पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने से हादसे नहीं रुक पा रहे हैं। हालांकि कागजों में सब कुछ ओके है। परिवहन विभाग की ओर से सर्वे रिपोर्ट अब शासन को भेजी जा रही है।

जिले में ये हैं ब्लैक स्पॉट

परिवहन विभाग ने दो साल पहले अधिक हादसे होने को लेकर 22 जगहों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया था। इनमें बिथरी चैनपुर का नवदिया झादा चौराहा, हाफिजगंज क्षेत्र में रिठौरा, लभेड़ा और बकैनिया चौराहा, मीरगंज का सिधौली चौराहा, नल नगरिया तिराहा, फरीदपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन टोल प्लाजा, कंजा वाली ज्यारत, परसाखेड़ा जीरो प्वाइंट, मयूर वन चेतना केंद्र, भुता क्षेत्र में रघुवरपुर मोड़, महेशपुरा फाटक, रिछा फाटक, सेमीखेड़ा पेट्रोल पंप, बहेड़ी क्षेत्र में जोखनपुर मोड़, शेरगढ़ चौराहा, मंडलपुर तिराहा, मोहम्मदपुर चौराहा, शाहगढ़ तिराहा और गुड़वारा के साथ भोजीपुरा में जादौंपुर और बिलवा को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था।

कोहरे में और बढ़ेंगे हादसे

अब सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है। सर्दियों में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रहती हैं। ऐसे में वाहनों की आमने-सामने टक्कर होने की ज्यादा आशंका रहती है। जिले के अधिकांश ब्लैक स्पॉट पर रोशनी का कोई इंतजाम नहीं है। संकेतक तक नहीं लगाए गए हैं। फरीदपुर के निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर सर्दियों में अक्सर वाहन टकराने के मामले सामने आते हैं। सुरक्षा इंतजाम न होने से सर्दियों में हादसे और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

फरीदपुर टोल प्लाजा पर आए दिन टकराते हैं वाहन

बरेली-सीतापुर हाईवे पर फ्यूचर इंस्टीट्यूट के पास टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। कई सालों से चल रहा काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर जगह-जगह निर्माण सामग्री बिखरी हुई है। रोशनी की उचित व्यवस्था भी नहीं है। अक्सर यहां वाहन हादसे का शिकार हो जाते हैं।

शेरगढ़ चौराहे पर कट न होने से टकरा रहे हादसे

बहेड़ी क्षेत्र के शेरगढ़ चौराहे पर रोड क्रॉस करने के लिए कोई कट नहीं है। इस वजह से यहां अक्सर वाहन हादसे की चपेट में आते हैं। क्षेत्र के लोग लंबे समय से कट की मांग कर रहे हैं। हाईवे पर संकेतक और स्पीडब्रेकर भी नहीं है।

मोहम्मदपुर चौराहे पर नहीं बना स्पीड ब्रेकर

बहेड़ी क्षेत्र के मोहम्मदपुर चौराहे पर भी आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। लिहाजा इसे दो साल पहले ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। अब तक यहां हादसे रोकने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। चौराहे पर न तो कट बनाया गया है और न ही स्पीड ब्रेकर। इस वजह से अक्सर यहां वाहन टकराते रहते हैं।

ब्लैक स्पॉट का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई गई हैं। जिले के अधिकांश ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -दिनेश कुमार, आरटीओ प्रवर्तन

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