बरेली। विजयदशमी पर शहर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों ने शस्त्र पूजन कर न्याय और सत्य की रक्षा का संकल्प लिया। तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा श्री बाबा अलखनाथ मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भगवान श्रीराम और शस्त्रों की पूजा की गई। मंदिर के महंत कालू गिरि महाराज ने विधिवत पूजन कार्य संपन्न कराया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शास्त्र और संस्कृति की रक्षा के लिए शस्त्र आवश्यक हैं।
हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी ने एक होटल में शस्त्र पूजन किया। हरीश यदुवंशी ने कहा कि शस्त्र के बिना किसी भी राष्ट्र या समाज की सुरक्षा मुमकिन नहीं। प्रांत अध्यक्ष युवा अंशुमन ने कहा कि शस्त्र के महत्व को नकारने वाला समाज कभी सुरक्षित नहीं रहता। मुख्य अतिथि प्रांत अध्यक्ष विधि प्रतिपाल सिंह ने शास्त्र के साथ शस्त्र शिक्षा प्राप्त करने का आह्वान किया। कहा, भगवान श्रीराम जब समुद्र के किनारे हाथ जोड़कर खड़े हुए तो रास्ता नहीं मिला, लेकिन जब शरसंधान किया तो रास्ता मिल गया। इससे स्पष्ट है कि आसुरी शक्तियों के नाश के लिए शक्ति प्रदर्शन जरूरी है।
पंजाबी संगठन ने श्री हरि मंदिर, बरात घर मॉडल टाउन परिसर में शस्त्र पूजन किया। पंजाबी संगठन के प्रदेश संयोजक मनोज अरोड़ा और रवि छाबड़ा ने विजयदशमी का महत्व बताया। यहां प्रदेश संगठन मंत्री सरदार अमरजीत सिंह बक्शी, ज्ञानी काले सिंह, पार्षद अतुल कपूर, सरदार टीपी एस सेठी, पवन अरोड़ा, एमपी सिंह आदि लोग मौजूद रहे। सभी ने शस्त्र पूजन किया।
दुष्टों के संहार के लिए शस्त्र जरूरी
पंजाबी महासभा ने बांके बिहारी मंदिर परिसर में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन का कार्यक्रम किया। विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद मां सरस्वती का भी पूजन हुआ। अध्यक्ष संजय आनंद ने कहा कि शास्त्र से सांसारिक और ब्रहमज्ञान प्राप्त होता है पर दुष्ट के विनाश के लिए शस्त्र जरूरी है। यहां संरक्षक गुलशन आनंद, महामंत्री देवराज चंडोक, प्रिंस सोंधी, शिव मक्कड, हरजीत सिंह, संजीव आनंद, अतुल कपूर मौजूद रहे।