फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खीरीः दुधवा में इस बार सैलानी कर सकेंगे हाथी की सवारी

सार

इस बार भी दुधवा निर्धारित समय से 15 दिन पहले एक नवंबर को है खुल रहा
 
विज्ञापन
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गैंडा पुनर्वास परियोजना में सैलानी कर सकेंगे स्वच्छंद विचरते गैंडों का दीदार
विज्ञापन

पर्यटन सत्र में सैलानियों को कड़ाई से करना होगा कोरोना गाइड लाइन का पालन

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व सैलानियों के लिए एक नवंबर से खुल रहा है। कोरोना गाइड लाइन के चलते कुछ पाबंदियों के बावजूद इस बार सैलानी हाथी की सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दुधवा में चल रही गैंडा पुनर्वासन परियोजना को भी देख सकेंगे। कोरोना संक्रमण काल में निर्धारित अवधि से कम समय चले दो पर्यटन सत्रों में इन सुविधाओं पर रोक लगा दी गई थी।
दुधवा टाइगर रिजर्व इस बार भी निर्धारित समय से 15 दिन पहले एक नवंबर को खुल रहा है। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटक परिसरों में सैलानियों के स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं। थारू हट और गेस्ट हाउस को रंग रोगन कर सजाया जा रहा है। सैलानियों को भ्रमण कराने के लिए गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि 25 अक्टूबर तक वाहनों का पंजीकरण होगा। व्यवसायिक वाहनों के पंजीकरण के लिए अधिक शुल्क देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले गाइडों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। गाइडों की नियुक्ति में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। गाइड सैलानियों को यहां की जैव और वानस्पतिक विविधता से रूबरू कराएंगे। इस पर्यटन सत्र में भी सैलानियों और दुधवा टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों, गाइडों और वाहन चालकों को कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना होगा। ऐसा न करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग पर रहेगी पाबंदी

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग इस बार भी दुधवा भ्रमण नहीं कर सकेंगे। गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों के आने पर प्रतिबंध रहेगा। सैलानियों को दुधवा प्रवास और भ्रमण के दौरान अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करना होगा। उन्होंने बताया कि यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो सैलानियों को छोटे रूट से गैंडा पुनर्वासन परियोजना तक ले जाया जाएगा। ताकि वे गैंडों को देख सकें। इस बार हाथी की सवारी भी संभावित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें