उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में प्रवासी मजदूरों के साथ हुए हादसे के बाद योगी सरकार ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भा हालत में प्रवासी मजदूर असुरक्षित, अवैध या पैदल यात्रा करते हुए नजर नहीं आने चाहिए।
इसके बाद से सभी जिले के अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों में सख्ती से नजर रखनी शुरू कर दी है। बरेली एडीजी ने रविवार को बरेली से पीलीभीत तक लॉकडाउन और प्रवासी मजदूरों को दी जा रही मदद का हाल देखा।
वह सुबह सवेरे बिना स्टाफ और अधिकारियों को सूचना दिए निकल गए और दौरा करके लौट आए। उन्हें कई खामियां मिलीं जिनके बारे में संबंधित एसपी को निर्देश देने की बात कही जा रही है।
औरैया की घटना के बाद सीएम और डीजीपी ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सड़क पर मजदूरों का कोई जत्था पैदल जाते हुए नहीं दिखना चाहिए। ऐसा मिला तो संबंधित थाना प्रभारी दोषी माने जाएंगे। आदेश के अनुपालन के लिए एडीजी, डीआईजी व एसएसपी लगे हुए हैं।
रविवार सुबह एडीजी ने बारादरी के सेटेलाइट चौराहे से होते हुए रिठौरा, हाफिजगंज, नवाबगंज, शाही, ललौरीखेड़ा होते हुए पीलीभीत के कई थानों की पिकेट व बैरियर चेक कर लिए। चूंकि दौरा गोपनीय और बिना लाव लश्कर के था तो संबंधित थानेदारों को एडीजी के पहुंचने के बाद ही जानकारी हो सकी।
एडीजी को कई जगह पिकेट पर स्टाफ नहीं मिला तो कई जगह स्टाफ लापरवाही से ड्यूटी करता मिला। इस बारे में उन्होंने पीआरओ विप्लव शर्मा को प्वाइंट नोट कराए और शाम को रिपोर्ट बनाकर बरेली व पीलीभीत एसपी को भेजने के निर्देश दिए।
वहीं पुलिस स्टाफ को मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की मदद करते समय पर्याप्त दूरी का ध्यान रखें।