महादेवा (बाराबंकी)। प्रशासन व पुलिस की लापरवाही से लोधेश्वर महादेवा में दर्शन करने गए दो श्रद्धालुओं की रविवार रात तालाब (अभरन) में डूबने से मौत हो गई। दोनों के शव को बाहर निकलवाने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मेले में बदहाल व्यवस्था के चलते यह घटना सामने आई है। लोगों का आरोप है कि रात के वक्त सीतापुर का एक युवक तालाब में डूब गया था। उसका शव निकलवाने के दौरान पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इस दरम्यान दूसरी घटना भी हो गई।
रामनगर थाना क्षेत्र के महादेवा में सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शिव पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं भारी भीड़ उमड़ी थी। रविवार से ही शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस बीच रविवार रात करीब 10 बजे सीतापुर जिले के महमूदाबाद निवासी विशाल वर्मा (26) अभरन तालाब में नहाने के दौरान डूब गया।
जत्थे में साथ आए लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव तलाश लिया। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तालाब के पास श्रद्धालुओं की भीड़ पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ का मच गई। जत्थों में साथ आए श्रद्धालु तितर-बितर हो गए। इस बीच तालाब में एक और श्रद्धालु के डूबने की घटना हो गई।
घटना के समय मौके पर मौजूद फतेहपुर क्षेत्र के बनियानी गांव निवासी शुभम ने बताया कि वह अपने गांव से करीब दस लोगों के साथ जलाभिषेक के लिए आया था। रात करीब 12 बजे वह लोग तालाब में नहाने लगे। इस दौरान तालाब में एक शव बरामद होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
भगदड़ के बीच लोग तालाब से निकलकर भागने लगे। कुछ देर बाद मामला शांत होने पर शुभम अपने सभी साथियों से मिले। लेकिन जत्थे में साथ आए उसके चाचा जितेंद्र वर्मा (35) लापता थे। लोगों ने तलाश शुरू की, मगर कुछ पता नहीं चल सका। जितेंद्र का पता न लगने पर लोगों ने तालाब में डूबने की आशंका जताई और महादेवा पुलिस चौकी व थाने पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
शुभम का आरोप है कि पुलिस ने कहा कि जितेंद्र मेले में कहीं घूम रहा होगा, जाओ ढूंढ लो जाकर। यह कहकर उसने अपना पल्ला झाड़ लिया। सोमवार सुबह जितेंद्र का शव तालाब में उतराता दिखाई दिया तो लोग उग्र हो गए। मामले की सूचना पर एसपी यमुना प्रसाद समेत एसडीएम राजीव शुक्ला व सीओ दिनेश दुबे ने मौके का जायजा लिया और लोगों से बात कर उनको आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
तालाब में बैरिकेडिंग लगती तो नहीं जाती जान
महादेवा मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भी अव्यवस्थाएं इस कदर दिखाई दीं कि श्रद्धालु जिम्मेदारों को कोसते नजर आए। श्रद्धालु यही कहकर उग्र हो रहे थे कि अगर मेले में पूरी व्यवस्था ही नहीं थी, तो मेला क्यों करवाया। भीड़ के बाद भी तालाब पर न रोशनी थी न ही जाल लगाए गए थे। पीएसी और गोताखोर भी नहीं तैनात थे। जिस वक्त हादसा हुआ तालाब के चारों ओर अंधेरा पसरा था।
हादसे के बाद मंदिर परिसर पहुंचे एसपी यमुना प्रसाद ने पुजारी से बातचीत कर कुछ देर के लिए कपाट बंद करवा दिए। पुजारी ने बताया कि मठ रिसीवर हरिप्रसाद द्विवेदी ने पहले ही सावन के सोमवार को मंदिर खोलने से इंकार कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने ही मंदिर खोलने का निर्णय लिया था। हालांकि सोमवार देर शाम फिर से मंदिर दर्शन के लिए खोला गया है।
महादेवा के तालाब में डूबकर दो युवकों की मौत होने का मामला सामने आया है। रात के समय ज्यादा भीड़ होने से यह हादसा हुआ है। तालाब के आसपास बैरिकेडिंग क्यों नहीं थी, रोशनी आदि का इंतजाम न होने के बारे में जांच करवाई जा रही है।
-दिनेश कुमार दुबे, सीओ रामनगर
महादेवा स्थित तालाब में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई है। दोनों युवक पानी में तैरना नहीं जानते थे। इसी के चलते यह हादसा हुआ है। इस बार मेले के आयोजन पर रोक थी लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
-राजीव शुक्ला, एसडीएम रामनगर
तालाब में डूबकर अधेड़ की मौत
कोटवाधाम। गांव के बाहर खेतों में जानवरों के लिए घास काटने गए एक अधेड़ की तालाब में डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया है। बदोसरायं कोतवाली क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी रामनरेश यादव (50) सोमवार सुबह गांव के बाहर खेतों में जानवरों के लिए घास काटने गया था।
यहां तालाब के किनारे से रास्ता है। वह जैसे ही वो तालाब की तरफ से निकला तो उसका पैर फिसल गया और वो गहरे पानी में गिर गया और उसी में डूबकर मौत हो गयी। परिवारीजन शव को तालाब से निकालकर घर लाये और बिना पुलिस को सूचित किए अंतिम संस्कार कर दिया। (संवाद)