हैदरगढ़ (बाराबंकी)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) औद्योगिक पार्क विकसित करेगा। इस संबंध में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी द्वारा पत्र मिलने के बाद राजस्व विभाग ने भूमि की तलाश शुरू कर दी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) द्वारा प्रस्तावित बारा औद्योगिक पार्क के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया था लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी यूपीडा को मिली है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 39.66 किमी. भाग जिले से होकर निकलता है। पहले लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के जंक्शन प्वाइंट पर बारा गांव के पास औद्योगिक पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित किया गया था। राजस्व प्रशासन ने यहां करीब 351 हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित कर ली थी। लेकिन यूपीसीडा के अधिकारियों के साथ किसानों की कई दौर की वार्ता के बाद भी किसान मौजूदा सर्किल रेट से चार गुना पर भी भूमि देने को राजी नहीं हुए।
अब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए सफलतापूर्वक किसानों से भूमि की रजिस्ट्री व अधिग्रहण करने वाली एजेंसी यूपीडा ने औद्योगिक पार्क के लिए भूमि की मांग की है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने 11 नवंबर को एसडीएम को पत्र भेजा है।
जिसमें जिले में एक्सप्रेसवे के प्रारंभ और समाप्ति तथा जंक्शन बिंदु पर नवीन औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए भूमि चयन कर निर्धारित प्रारूप पर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है। एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने बताया कि बारा औद्योगिक पार्क के लिए पहले प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब नवीन औद्योगिक पार्क के लिए दो किमी. लंबाई व दो किमी. चौड़ाई में भूमि की मांग हुई है। भूमि की तलाश की जा रही है।
भिखरा गांव के पास पार्क बनाने की तैयारी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे व लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे के बीच भिखरा के पास औद्योगिक पार्क के लिए भूमि चयनित करने पर मंथन चल रहा है। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच औद्योगिक पार्क की भूमि चयनित करने में आबादी के प्रभावित नहीं होने को प्राथमिकता दी जा रही है। त्रिवेदीगंज के हसनपुर में भूमि लेने की भी चर्चा है।
औद्योगिक पार्क में यह होंगे शामिल
औद्योगिक पार्क में अच्छी सड़क़ें, खेल का मैदान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए संस्थान विकसित किए जाएंगे। हाईवे व एक्सप्रेसवे से लिंक के लिए चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी लेकिन यह सब किसानों व व्यापारियों के सहमत होने के बाद संभव होगा।