बाराबंकी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी जलनिकासी की व्यवस्था न हो पाने के कारण शहरवासियों की समस्या जस की तस बनी हुई है। नगरपालिका और प्रशासन की लापरवाही के चलते शहर के करीब एक दर्जन मोहल्लों के लोग बद से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जिम्मेदारों द्वारा बरती जा रही लापरवाही से आहत लोगों ने परिवारीजनों के साथ पलायन शुरू कर दिया है। कोई अपने गांव को चला गया है तो कई रिश्तेदारों के घर शरण लेने पहुंचे हुए हैं।
तीन दिन पूर्व हुई मूसलाधार बारिश की वजह से शहर के नई बस्ती, डिवाइन ग्रीन सिटी, मोहारी पुरवा, हजाराबाग, पंचशील कालोनी, खलरिया, दशहराबाग, अभयनगर, पीरबटावन और जमुरिया नाले के किनारे बसी आबादी नारकीय जीवन गुजार रही है। इन मोहल्लों में बारिश का पानी अभी पहले की तरह ही भरा हुआ है।
लोगों का कहना है कि जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया और जलनिकासी के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। जिसकी वजह से हम लोग पिछले तीन दिनों से घरों में कैद हैं। कई परिवार तो घरों में काफी ज्यादा पानी भरा होने की वजह से छतों पर जिंदगी गुजार रहे हैं। घरों में कमर तक पानी भरा हुआ है, लोग खुद ही पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
चारों ओर पानी भरा होने की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के सामने खाने और पीने के पानी की समस्या खड़ी होने लगी है। लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं।
जमुरिया नाले के किनारे बने मकानों में पानी काफी ज्यादा भर जाने के कारण यहां के लोग अभी भी छतों पर डेरा डाले हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार इससे पूरी तरह से बेखबर हैं। ईओ नगरपालिका पवन कुमार ने बताया कि जिन मोहल्लों में जलभराव है, वहां पर नगर पालिका की टीम बराबर काम कर रही है। इसके लिए कई स्थानों पर पंपिंग सेट का भी प्रयोग किया जा रहा है। मोहल्लों से जल्द से जल्द पानी निकालने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
पंचशील कालोनी निवासी दिनेश तिवारी ने बताया कि इससे पहले कभी इस तरह के हालात पैदा नहीं हुए। इससे ज्यादा बारिश हुई, लेकिन घरों में पानी कभी नहीं भरा। इस तरह के हालात पहली बार देखने को मिल रहे हैं। जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने की वजह से दिनेश पूरे परिवार के साथ गांव चले गए।
डिवाइन ग्रीन सिटी निवासी लक्ष्मी, पूनम, निधि, रश्मि ने बताया कि तीन दिनों से घर के बाहर पानी भरा हुआ है। लेकिन जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे मोहल्ले के कई परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। नगर पालिका द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से हम लोग पानी में होकर आने जाने को मजबूर हैं।