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अपहरण कर किशोर की हत्या

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बाराबंकी। शहर कोतवाली क्षेत्र में जिले के एक पूर्व शासकीय अधिवक्ता के पुत्र का अपहरण कर बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद घर पर फोन कर 50-60 लाख रुपये की फिरौती मांगी। मामले की जानकारी पर सक्रिय हुई पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से दो आरोपियों को धर दबोचा।
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पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया है। आरोपियों ने मृतक के सिर पर लोहे के तवे से हमला करने के बाद उसका गला दबा दिया और फिर शव को नाले में फेंक दिया था। इस घटना के बाद कोतवाली से लेकर मर्च्युरी तक वकीलों की भीड़ लगी रही।
शहर कोतवाली क्षेत्र के फतहाबाद में रहने वाले पूर्व शासकीय अधिवक्ता बीएल गौतम के छोटे पुत्र आशुतोष गौतम उर्फ सूरज (17) बृहस्पतिवार सुबह संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। वह एक कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र था। काफी देर तक घर न आने पर दोपहर करीब दो बजे परिवारजन ने फोन किया तो उसका फोन स्विच ऑफ था।
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परिवारीजन तलाश ही रहे थे कि आशुतोष के बड़े भाई अनुराग के फोन पर किसी की कॉल आई और 50 से 60 लाख फिरौती न देने पर हत्या की धमकी दी गई। इससे परेशान परिवारीजन कोतवाली पहुंचे और पिता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी।
इस पर हरकत में आई पुलिस ने सर्विलांस के जरिए दो आरोपियों को लखपेड़ाबाग मोहल्ला स्थित एक कमरे से पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों आरोपी सत्येंद्र कुमार निवासी करीमपुर थाना नगरा जिला बलिया और नागेंद्र निवासी कुरीलपुर थाना सफदरगंज के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
मृतक का रिश्तेदार था आरोपी सत्येंद्र
एसपी यमुना प्रसाद ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस लाइन सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में एसपी ने बताया कि पूछताछ व जांच में पता लगा कि आरोपी सत्येंद्र व मृतक आपस में रिश्तेदार हैं और एक-दूसरे के यहां आना जाना था। सत्येंद्र जो बलिया का रहने वाला है, विगत छह माह से सरस्वती विहार कॉलोनी लखपेड़ाबाग में किराये के मकान में रहता था और राज मिस्त्री का काम करता था। सत्येंद्र के मामा का घर कुरीलपुर दादरा थाना सफदरगंज में है।
जहां उसका आना-जाना रहता था। वहीं से उसकी जान-पहचान नागेंद्र से हुई थी। इन दोनों ने अपने खर्चों को पूरा करने और बहुत सारे रुपये के लिए बाराबंकी के फतहाबाद निवासी बीएल गौतम के छोटे बेटे का अपहरण कर पैसा मांगने और फिरौती का प्लान बनाया। बाद में फिरौती की रकम को आपस बांट लेने की सहमति बनाई। बीएल गौतम का छोटा बेटा इंटर की पढ़ाई पूरी करके लखनऊ में पढ़ने के साथ सिविल सर्विसेज की कोचिंग कर रहा था। अपहृत/मृतक की मां अध्यापिका हैं और पिता एडवोकेट हैं।
बाइक पर शव ले जाकर लगाया था ठिकाने
योजना के मुताबिक 14 अक्टूबर को नागेंद्र शहर में सत्येंद्र के किराये के मकान सरस्वती विहार पर आकर रुका और दोपहर में सत्येंद्र ने सूरज को उसके मोहल्ले फतहाबाद से बुला लिया और लौटते समय शराब व बीयर आदि लेकर किराये के मकान पर आया। बंद कमरे के अंदर तीनों लोगों ने शराब व बीयर पी। उसके बाद सत्येंद्र ने सूरज को घर वालों से पैसा मांगने के लिए कहा तो सूरज तैयार नहीं हुआ।
इस पर आपस में कहासुनी होने लगी। सत्येंद्र ने पास में रखे लोहे के तवे को उठाकर सूरज के सिर पर मार दिया। जब वह छटपटाने लगा तो नागेंद्र ने अपने गमछे से सूरज का गला कस कर हत्या कर दी और शव को तख्त के नीचे डाल दिया। इसके बाद दोनों घर के बाहर ताला बंदकर शहर में घूमने निकल गये। सूरज का मोबाइल फोन फ्लाइट मोड़ पर कर दिया।
शाम को थोड़ी देर के लिए मोबाइल को फ्लाइट मोड़ से हटाया तो सूरज के बड़े भाई अनुराग उर्फ सोनू का फोन गया। फोन को नागेंद्र ने रिसीव किया और अनुराग से रफीक बनकर बात किया और फिरौती की मांग की गयी। उसके बाद रात में सत्येंद्र और नागेंद्र ने शव को बाइक पर रखकर उसी मोहल्ले के एक नाले के अंदर ले जाकर ईट से दबा दिया और उसे नाले में बह रहे गंदे कपड़ों से ढक दिया था।
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