बाराबंकी। ऑनलाइन व ऑफलाइन के चक्कर में जिले का किसान पिस रहा है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर ऑफलाइन और ऑनलाइन टोकन के साथ धान लेकर किसान आपस में भिड़ गए। वहीं शासन के नित नए प्रयोगों से परेशान क्रय केंद्र प्रभारी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे जिले के 33 क्रय केंद्रों पर धान खरीद बंद हो गई है। धान की तौल कराने के लिए किसान इधर से उधर भटकता रहा लेकिन जिम्मेदारों ने किसानों की समस्या का निराकरण कराने का कोई प्रयास नहीं किया।
जिले में निर्धारित लक्ष्य एक लाख 66 हजार एमटी के सापेक्ष अब तक 82 हजार 303 एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। ऑफलाइन टोकन पर हो रही खरीद पर किसानों को तब तगड़ा झटका लगा जब ऑनलाइन टोकन से धान खरीद का आदेश जारी कर दिया। बृहस्पतिवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन वाले किसान अपना-अपना धान लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंचे और पहले तौल कराने को लेकर भिड़ गए। क्रय केंद्र प्रभारियों ने विवाद को सुलझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बन सकी।
इसी बीच प्रांतीय कार्यकारिणी ने धान खरीद के बहिष्कार का एलान कर दिया। इस ऐलान के बाद क्रय केंद्र प्रभारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और जिले के 33 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद पूरी तरह से बंद हो गई। इससे केंद्रों पर धान लेकर आए किसान अपने धान की तौल कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं निकाल सका। ऑनलाइन-ऑफलाइन के चक्कर में फंसे कई किसान तौल न होने से नाराज अपना धान वापस लेकर चले गए। लेकिन जिम्मेदार इस समस्या के प्रति जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दिए।
आधे घंटे बाद ही बंद हो गई साइट
किसानों का आरोप है कि व्यापारी और बिचौलिए इसी इंतजार में रहते हैं कि जैसे ही साइट खुले वह बुकिंग शुरू कर दें। बृहस्पतिवार को बमुश्किल आधा घंटे के लिए साइट चली होगी और इसके बाद एक जनवरी का स्लॉट फुल दिखा साइट बंद कर दी गई। जबकि वास्तविक किसान ऑनलाइन बुकिंग करा ही नहीं पा रहा है।
टोकन निरस्त होने से निराश दिखे किसान
जिले में करीब एक हजार से ज्यादा किसानों ने ऑनलाइन टोकन हासिल कर लिया था लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण किसी भी किसान का धान नहीं तौला जा सका। टोकन निरस्त होने से परेशान किसान व्यवस्था और क्रय केंद्र प्रभारियों को कोसते दिखाई दिए।
ऑनलाइन-ऑफलाइन के चक्कर में किसान विवाद करने लगे थे। कई केंद्रों पर स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ गई। उधर प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर केंद्र प्रभारी हड़ताल पर चले गए। जिसके कारण जिले के करीब 33 केंद्रों पर बृहस्पतिवार को धान खरीद पूरी तरह से बंद रही। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शासन का जो आदेश होगा उस आधार पर कार्य किया जाएगा।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी