बाराबंकी। कोरोना काल के तहत बीते दो साल में महामारी अधिनियम के तहत जिले में कोविड उल्लंघन के दर्ज किए गए करीब 2432 मुकदमे वापस किए जाएंगे। इन सभी मुकदमों में 5480 लोग आरोपी बनाए गए हैं। इसका आदेश शासन से जिला प्रशासन को पहुंचा है। इसके बाद अब इस पर कार्रवाई भी शुरू की गई है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 और लॉकडाउन के नियम तोड़ने को लेकर लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का आदेश बीते जनवरी माह में जारी किया था। इसके तहत लॉकडाउन तोड़ने के मामलों में व्यापारियों और अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इसका आदेश भी शासन ने अब जिला प्रशासन को भेज दिया है।
इसके चलते अब जिला प्रशासन कोविड उल्लंघन व लॉकडाउन के नियम तोड़ने को लेकर लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत जिले के समस्त थानों में दर्ज मुकदमों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जारी किए गए आदेश में बताया गया है कि सरकार का मानना है कि कोविड-19 के मुकदमों से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी।
इसके लिए व्यापारी भी लंबे समय से मांग कर रहे थे। इसके बाद अब इन मुकदमों को वापस लेने की तैयारी की जा रही है। इन मुकदमों के वापस लेने से करीब साढ़े पांच हजार लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। पुलिस महकमे की माने तो जिले में सितंबर 2021 तक कोविड व लॉकडाउन उल्लंघन के 2432 मामले दर्ज किए गए हैं।
नेताओं पर भी दर्ज हैं केस
लॉकडाउन तोड़ने व कोविड उल्लंघन के तहत महामारी एक्ट के केस जिले के सपा और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भी दर्ज किए गए थे। वहीं असद्दुदीन ओवैसी पर भी इसके तहत केस दर्ज हुआ है। अब देखना है कि मुकदमों की वापसी में किन लोगों को इसका फायदा हो सकेगा।
शासन ने कोरोना महामारी अधिनियम के तहत कोरोना काल में दर्ज मुकदमों की वापसी के लिए आदेश जारी किया है। इस पर कार्रवाई शुरू की गई है।
-डीके मिश्रा, संयुक्त निदेशक अभियोजन