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पानी न निकलने से नाराज किसानों ने अफसरों को बनाया बंधक

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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बारिश में उफनाई झील का पानी नाला से नहीं निकलने पर आक्रोशित किसानों ने नहर पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों को बंधन बना लिया। किसान नाला सफाई का कार्य तत्काल शुरू कराने पर अड़े हैं। एक पखवारा से सैकड़ा एकड़ कृषि भूमि में पानी भरा होनें से फसल बर्बाद हो रही है। अमर उजाला ने बारिश के बाद कई बार जलभराव की समस्या को उजागर किया था।
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बीते 15 सितंबर से हुई बारिश ने पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग द्वारा की गई तैयारियों की पोल खोल दी है। बारिश में पुरियार झील के उफनाने से पास किसानो की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो रही है। बेलवा, बनवारगंज, महिमापुर, मनीपुर, बारीखेरा, लालपुर, कल्हनुआ, तिवारी का पुरवा, ढ़खिया, जासेपुर, अंसारी सहित कई गांव के तमाम किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। इन गांवों के किसानों के मुताबिक करीब दो हजार एकड़ से अधिक फसल बाढ़ के पानी में डूबी है।
सोमवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष मुन्नू सिंह , बीडीसी अरुण शुक्ला, देवीप्रसाद, सत्रोहन, रामप्यारे, सूर्यबख्श, राजेश कुमार, चंद्रसेन, सुंदर, रामप्रकाश, हरिकुमार, रामचंद्र सहित अन्य किसानों नें हैदरगढ़ ब्रांच नहर पर हैदरगढ़ ड्रेन के स्केप पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अरुण शुक्ला ने कहा तमाम किसान पहले सिंचाई कार्यालय गए थे लेकिन वहां अधिशासी अभियंता ने बात तक नहीं की। बवाल बढ़ने की सूचना पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आक्रोशित किसानों ने बंधक बना लिया। सारदा सहायक खंड-28 के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार, सहायक अभियंता संजय गुप्ता, अवर अभियंता राकेश कुमार देर शाम तक किसानों को नाला साफ कराने का भरोसा दिलाते रहे लेकिन किसान तत्काल कार्य शुरू कराने पर अड़े रहे। शाम तक विवाद को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी थी।
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