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बुंदेलखंड के दो बेटे बने आईएएस और आईपीएस

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UPSC result became a message of happiness - फोटो : BANDA
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बुंदेलखंड के दो युवाओं ने यूपीएससी क्रैक कर नाम रोशन किया है। बांदा की बेटी के बेटे ने 12वां स्थान हासिल किया तो दूसरे होनहार ने 215वीं रैंक प्राप्त कर आईपीएस चयन में सफलता हासिल की।
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गिरवां संवाददाता के अनुसार, पिछड़ा गांव गिरवां निवासी स्वर्गीय भूदेव त्रिवेदी कोआपरेटिव बैंक से मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं। इनके छोटे बेटे ऋषभ त्रिवेदी ने यूपीएससी में 215वीं रैंक हासिल की है। ऋषभ ने प्राथमिक पढ़ाई महोबा में मामा के घर रहकर की। माध्यमिक शिक्षा कानपुर में हासिल की। बीएएलएलबी लखनऊ से किया। इस दौरान क्लैट भी क्वालीफाई किया। ऋषभ एलएलएम भी कर चुका है। बड़ा भाई सौरभ त्रिवेदी आस्ट्रेलिया में रिसर्चर है। उसकी पत्नी वहां डेंटिस्ट है। छोटी बहन सुरभि त्रिवेदी पीएचडी कर रही है। सोमवार को यूपीएससी का नतीजा घोषित होते ही ऋषभ के घर में जश्न जैसा माहौल हो गया। बड़ी संख्या में लोग बधाई देने पहुंचे। ऋषभ ने अपनी सफलता का श्रेय खुद की मेहनत और माता-पिता तथा बहन-भाइयों व मामा के सहयोग और प्यार को दिया।
फोटो-30बीएनडीपी-16 : यशार्थ शेखर अपने माता-पिता के साथ।
बांदा की बेटी के बेटे को यूपीएससी में 12वीं रैंक
बांदा। बांदा की बेटी के बेटे ने 12वां स्थान हासिल किया है। यह सफलता चित्रकूटधाम मंडल में पहली बार किसी होनहार ने अर्जित की है।
बांदा शहर के आदर्श बजरंग इंटर कालेज में अध्यापक रहे यदुनंदन सिंह (स्वर्गीय) की बेटी शांति सिंह के पुत्र यशार्थ शेखर ने लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल से हाईस्कूल 96 फीसदी और लॉ माल्टियंस स्कूल से इंटर में 99 फीसदी अंक हासिल किए थे। उसे तीसरे प्रयास में यह शानदार सफलता हाथ लगी। मां शांति सिंह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एमएससी हैं। पिता लल्लू सिंह बलरामपुर में जिला जज हैं। यशार्थ ने ज्यादातर पढ़ाई और तैयारी मां की देखरेख में की। सफलता का श्रेय भी माता-पिता को दिया। यशार्थ के ननिहाल में मामा विमल सिंह आदि ने खुशी जताई। जिला सहकारी विकास संघ (डीसीडीएस) अध्यक्ष सुधीर सिंह ने यशार्थ शेखर की सफलता पर खुशी जताई है।
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