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मूर्ति विसर्जन से लौटे व्यापारी ने फांसी लगाई

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बांदा/अतर्रा। मूर्ति विसर्जन से लौटे गल्ला व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन घटना का कारण शराब का नशा बता रहे हैं। उधर, बीमारी से आजिज युवक ने पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था।
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शहर के निम्नीपार में गल्ला व्यापारी कैलाश राजपूत (30) ने शनिवार की रात कमरे में सीलिंग में साड़ी बांधकर गले में फंदा कस लिया। रविवार को सुबह देर तक दरवाजे न खुलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। भाई महेश ने खिड़की का कांच तोड़कर दरवाजे की कुंडी खोली। कैलाश का शव फंदे पर लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
भाई ने बताया कि कैलाश कैथी बाजार में गल्ला की दुकान किए था। मूर्ति विसर्जन से लौटने पर वह शराब के नशे में था। नशे की वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। फिलहाल परिजन घटना की स्पष्ट वजह नहीं बता सके। कैलाश के परिवार में पत्नी पूजा और तीन पुत्रियां हैं।
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उधर, बिसंडा थाना क्षेत्र के थनैल गांव में रज्जू (27) पुत्र राजकरण ने रविवार को तड़के घर से कुछ दूर स्थित खेत में जाकर आम के पेड़ में चादर से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद वहां से गुजरे ग्रामीणों ने शव लटका देखा और घरवालों को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घरवालों ने बताया कि रज्जू मानसिक रूप से अस्वस्थ था। दो साल से बीमारी से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। वह अविवाहित था। पिता परदेस में मजदूरी करता है। बेटे की मौत से मां फूला बेसुध है। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि परिजनों ने आत्महत्या की सूचना दी है।
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