चित्रकूट । पहाड़ी मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के 17 सचिवों पर 22 लाख से अधिक के भुगतान की गडबडी मामले में कई और संविदा व स्थाई कर्मचारी भी जांच की जद में आ रहे हैं। कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के बाद जांच की आंच अब इन कर्मचारियों तक भी पहुंच रही है। इसकी भनक लगते ही ब्लाॅक के कर्मचारी अपने बचाव के उपाय करने लगे हैं।
डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र के अनुसार दोनों कंपनी के एक ही बैंक खाता, एक की व्यक्ति का संचालन, जीएसटी नंबर सही न होने पर ही पूरा मामला सामने आया है। यह क्रम सन 2019 से चल रहा था। कुल मिलाकर 22.82 लाख का कोई हिसाब नहीं मिल पाया है। इससे संबंधित पचास गांव से जुड़े 17 सचिवों से कई बार हिसाब मांगा गया लेकिन कोई कागजात नहीं दिखा पाए। इन भुगतानों में हैंडपंप मरम्मत, खडंजा निर्माण, सड़क निर्माण, कंप्यूटर फीडिंग व अन्य खर्चे का भुगतान एक ही फर्म को किया गया। ऐसे में इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी पुलिस की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार जांच में अब ब्लाक के कई संविदा व स्थाई कर्मचारियों तक भी जांच की आंच पहुंच रही है। सचिवों ने इन कर्मचारियों की मदद से एक ही व्यक्ति की दो फर्म को लाभ पहुंचाकर खुद भी लाभ कमाया है। प्रथम जानकारी में बताया गया कि यह दोनों फर्म एक संविदा कर्मचारी संचालित करता था। इसमें कई स्थाई कर्मचारी सचिव उसका सहयोग करते थे। इस संबंध में डीपीआरओ ने बताया कि यह बात सही है लेकिन पूरी सच्चाई विवेचना में सामने आएगी।