बेंदा घाट । यमुना नदी किनारे बसे गांव बेंदा, जौहरपुर, अमलीकौर, माचा, गौरा, लोहारी, भुजरख, छापर आदि में किसानों को खाद लेने के लिए 15 से 20 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। तिंदवारी व बबेरू में खाद मिलने से इन किसानों के समितियों तक पहुंचने से पहले ही खाद समाप्त हो जाती है। किसान मायूस होकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
बेंदा घाट में कई दुकानदार नकली खाद और सोसाइटी की खाद का स्टॉक किए हुए हैं। इसे महंगे दामों में बेचा जा रहा है। इसी तरह लाही, चना, मटर, गेहूं का बीज भी नकली पैकिंग कर अधिक दामों में बेच रहे हैं। किसान छत्रपाल सिंह, मन्नू वर्मा, गजराज, मत
गंजन सिंह, रामराज निषाद, पीतांबर सिंह, चुन्नू, बच्चीलाल, राजा यादव आदि ने डीएम से मांग की कि अनाधिकृत रूप से चल रहीं खाद की दुकानों को बंद कराया जाए।