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अधिकारियों की चूक से बढ़ा खाद का संकट

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बांदा। जिले में खाद का संकट अधिकारियों की चूक से बढ़ा है। दरअसल अधिकारियों ने रबी फसल का रकबा तो बढ़ा दिया लेकिन खाद का लक्ष्य नहीं बढ़ाया। इस समय जितनी खाद की जरूरत है, उतनी उपलब्ध नहीं है, इसीलिए समितियों पर किसानों पर लाठी चलाने की नौबत आ रही है।
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कृषि विभाग में इस वर्ष रबी की बुवाई का रकबा तीन लाख हेक्टेयर तय किया है। यह पिछले साल से करीब एक लाख हेक्टेयर ज्यादा है। किंतु खाद का आवंटन पुराने रकबे के आधार पर ही हुआ है। पिछले वर्ष आठ लाख 85 हजार हेक्टेयर में रबी की बुवाई हुई थी। इस वर्ष 9 लाख 33 हजार हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य है। इसमें ज्यादातर बुवाई हो चुकी है।
रबी फसलो के लिए 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। अधिकारियों ने रबी का रकबा तो बढ़ा दिया लेकिन खाद का लक्ष्य नहीं बढ़ाया। जिले को अभी तक करीब 13456 मीट्रिक टन ही यूरिया ही मिली है। 23456 एमटी यूरिया की और जरूरत है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का दावा है कि 12600 मीट्रिक टन यूरिया व 15572 मीट्रिक टन डीएपी किसानों को बांटी जा चुकी है। दावा यह भी है कि डीएपी का वितरण लक्ष्य से अधिक किया गया है। यूरिया भी लक्ष्य का 40 फीसदी बांटी जा चुकी है। अभी स्टाक में 1564 एमटी उपलब्ध है। इसे सहकारी समितियों में भेजा जा रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। एक दो दिन में यूरिया की एक रैक और आ रही है। अधिकारियों के दावे के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल रही है। सहकारी समितियों में लाइनें लग रही हैं।
ट्रालियों पर लदे धान के साथ खरीद का इंतजार करते किसान। संवाद
तिंदवारी कस्बे में खोले गए खरीद केंद्र पर धान खरीदने में ढिलाई की जा रही है। तीन महीने में केवल 70 किसानों का ही धान खरीदा गया है जबकि 250 किसान पंजीयन करवा चुके हैं। कई किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में धान लेकर क्रय केंद्र पर कई दिन से पड़े हैं लेकिन उनकी उपज की तौल नहीं हो रही है।
तिंदवारी में आसपास के करीब 24 गांवों के किसानों का धान खरीदने के लिए विपणन शाखा का क्रय केंद्र खोला गया है। इस केंद्र पर करीब 250 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। तीन महीने में केवल 70 किसानों का धान ही खरीदा गया है। धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर किसान कई-कई दिन से बारिश और ठंड के बीच क्रय केंद्र पर पड़े हैं।
धौसड़ गांव के किसान योगेंद्र ने बताया कि अक्टूबर में रजिस्ट्रेशन कराने पर 76 नंबर टोकन मिला था। अभी तक तौल का नंबर नहीं आया है। मुंगुंस गांव के मनीष सिंह ने बताया कि 17 दिसंबर से ट्रॉली में धान लेकर केंद्र पर डेरा डाले हैं। खरीद केंद्र प्रभारी मनीष तिवारी का कहना है कि ठंड में पल्लेदार नहीं आए। इससे तौल नहीं हो पाई। एसडीएम सदर सुधीर कुमार ने कहा कि क्रय केंद्र पर तौल की जानकारी करेंगे। खरीद में लापरवाही पाई गई तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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