बांदा। बालकों के यौन शोषण के मुख्य आरोपी और सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन व उसकी सह आरोपी पत्नी दुर्गावती के केस की सुनवाई अधिवक्ताओं की हड़ताल से एक बार फिर टल गई। अदालत ने अगली तारीख 2 नवंबर नियत की है।
बुधवार को मुख्य आरोपी रामभवन और सह आरोपी दुर्गावती को पहली बार रिमांड पेशी में कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार से अदालत लाया गया। दोनों आरोपियों को अलग-अलग विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ले जाया गया।
रामभवन और दुर्गावती लगभग आधा घंटा तक अदालत के कठघरे में खड़े रहे। सीबीआई इंस्पेक्टर व केस के विवेचक प्रदीप कुमार त्रिपाठी अदालत में उपस्थित रहे, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते केस पर सुनवाई नहीं हो सकी। विशेष न्यायाधीश अनु सक्सेना ने सुनवाई की अगली तिथि 2 नवंबर 2021 मुकर्रर की है। दोनों आरोपियों को शाम चार बजे जेल भेज दिया गया।
उधर, दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने बताया कि सीबीआई विवेचक प्रदीप कुमार त्रिपाठी से अदालत के जरिये आरोपी जेई से बरामद सामान दिखाने के लिए अनुमति मांगी गई थी। अदालत के आदेश पर वीडियो कैसेट, सेक्सुअल ट्वॉयज, फोटोग्राफ आदि बरामद सामान विवेचक लाए थे। लेकिन अदालती कार्य न होने की वजह से इन्हें दिखाया नहीं जा सका।
यह भी बताया कि सीबीआई ने अदालत को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में मुखबिर खास दर्शाया है, लेकिन नाम का उल्लेख नहीं किया गया। मुख्य आरोपी रामभवन के वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह भी अदालत में उपस्थित रहे।