Tears spilled by devotees during the immersion of Durga idol
- फोटो : BANDA
नरैनी/बदौसा। करतल कस्बा सहित आसपास के गांवों की देवी प्रतिमाओं का रविवार को बागै नदी (रेहुंची) घाट पर नम आंखों से विसर्जन किया गया। करीब दो दर्जन से अधिक पंडालों में देवी प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। सजे-धजे विमानों में विराजमान देवी प्रतिमाओं को श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए नदी घाट पहुंचे।
जय अंबे उद्घोष के साथ प्रतिमा का विजर्सन किया। सुरक्षा के लिहाज से भारी सुरक्षा बल लगाया गया था। इसके साथ ही कस्बे में विजयदशमी का भी पर्व मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर दशहरे की बधाई दी। रामलीला मैदान परिसर में श्रीराम-रावण युद्ध हुआ। रावण वध के पश्चात प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
उधर, बदौसा सहित दुबरिया, बरछा (ब) की देवी प्रतिमाओं का बागै नदी घाट पर विसर्जन किया गया। सुबह हवन-पूजन के बाद विमानों पर विराजमान देवी प्रतिमाएं शास्त्री ग्राउंड में एकत्र हुईं। पूजा कमेटी के सहयोग से टोकन सिस्टम के तहत एक-एक प्रतिमाओं को आगे के लिए रवाना किया गया।
देवी प्रतिमाएं फतेहगंज चौराहा, रामजानकी मंदिर होते हुए घाट पहुंची। पूरे मार्ग में देवी भक्तनाचते और अबीर-गुलाल उड़ाते रहे। नम आंखों से मूर्तियां विसर्जित कीं। थानाध्यक्ष अकरम, अतर्रा थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह, फतेहगंज थानाध्यक्ष कृष्णदेव तिवारी और प्रशासन और पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ उपस्थित रहे।
Tears spilled by devotees during the immersion of Durga idol- फोटो : BANDA