बांदा। एसआईटी ने पशुपालन विभाग में छह साल पहले की गई पशुधन प्रसार अधिकारी की भर्ती प्रकरण में जांच शुरू कर दी है। अपर निदेशक चित्रकूटधाम मंडल से चारों जिलों में स्वीकृत पद, भर्ती परीक्षा, साक्षात्कार व सफल अभ्यर्थियों की सूची और नियुक्ति संबंधी अभिलेख तलब किए है।
वर्ष 2014-15 में प्रदेश में सपा सरकार ने 1098 पशुधन प्रसाद अधिकारी की भर्ती की थी। इेसमें चित्रकूटधाम मंडल के 22 पदों के लिए करीब 300 आवेदन किए गए। लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के बाद 17 लोगों की नियुक्ति की गई। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति मामले में गड़बड़ियों के आरोप लगाए। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो विभागीय जांच कराई गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर 20 अधिकारियों को निलंबित किया गया। दो जेल गए।
चित्रकूटधाम मंडल के तत्कालीन अपर निदेशक पशुपालन एके सिंह निलंबित किए गए थे। एक साल बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने भाजपा सरकार को एसआईटी जांच कराने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। अपर निदेशक चित्रकूटधाम मंडल से पशुधन प्रसार अधिकारी से आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की।
एसआईटी ने मांगा है कि भर्ती के लिए विज्ञप्ति का प्रकाशन कब हुआ। कितने आवेदन आए और परीक्षा में कितने आवेदक और साक्षात्कार में कितने आवेदक शामिल हुए। कितने पद स्वीकृत है और कितने की नियुक्ति की गई। एसआईटी द्वारा अभिलेख तलब किए जाने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
अधिकारी व कर्मचारी दिन रात पुराने अभिलेखों को भेजने की तैयारी में जुटे हुए है। उपनिदेशक पशुपालन मनोज कुमार का कहना है कि पशुधन प्रसाद अधिकारी नियुक्ति मामले में एसआईटी ने कुछ अभिलेख मांगे है, जिन्हें भेजा जा रहा है। हालांकि पूर्व में हुई जांच में कई अभिलेख व रजिस्टर सील कर दिए गए थे। जिन्हें अभी एसआईटी ने नहीं मांगा है।