अतर्रा। सब्जी व फल दुकानों को मंडी समिति में स्थानांतरित किए जाने के प्रशासनिक फरमान को न मानने पर कार्रवाई की चेतावनी देने पर अतर्रा में फल और सब्जी दुकानों में पहले दिन ताला लटकता रहा। यह हड़ताल तीन दिन जारी रहेगी। शनिवार को तमाम लोग बिना सब्जी लिए घर लौटने को मजबूर हुए।
शुक्रवार को मंडी समिति परिसर में अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हुई वार्ता में आम सहमति नहीं बन पाने पर अधिकारियों ने व्यापारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके विरोध में शनिवार को सब्जी और फल की दुकानों में ताला लटकता रहा।
दुकानें बंद होने से मध्यम वर्गीय परिवार व मजदूर तबके लोग बिना सब्जी लिए ही घर लौटने को मजबूर हुए। उधर, कुछ सब्जी व्यापारियों ने ताला बंदी का फायदा उठाते हुए गली-कूचों में 100 रुपये किलो दर से टमाटर और 50 रुपये किलो की दर से आलू बेचा। ई रिक्शा चालक स्वामी प्रसाद व गंगादीन ने बताया कि सब्जी नहीं मिल रही है।
अपर जिलाधिकारी उमाकांत त्रिपाठी ने शनिवार को तालाबंदी को लेकर व्यापारियों के साथ बैठक की। हालांकि तालाबंदी समाप्त करने की कवायद नाकाम रही। उन्होंने एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी से 44 व्यापारियों को चबूतरे मुहैया कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीओ सियाराम, इंस्पेक्टर अनूप दुबे, मंडी सचिव रविंद्र तिवारी, तहसीलदार विजय प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार समेत व्यापार मंडल अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी समेत अन्य अधिकारियों द्वारा बिना कोई सुविधा मुहैया न कराने और सब्जी मंडी खोलने के निर्देश पर राजनीतिक दलों के लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष साकेत बिहारी मिश्रा, शैलेंद्र मिश्रा, अर्जुन मिश्रा, सूरज बाजपेयी, जगदीश गुप्ता, संजय साहू, अंबरीश शुक्ला, अंकित पांडेय, आदित्य तिवारी, राकेश गौतम मेजर, अशोक पांडेय, ओमप्रकाश मिश्रा, दिनेश गुप्ता, शिवगोपाल गुप्ता, गुड्डू सिंह आदि ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया का आरोप लगाया।