फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागों की पूजा कर मांगा आशीर्वाद

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा/बबेरू। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नाग पंचमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने दरवाजों पर गोबर से नाग की आकृति बनाई और पूजन किया। खेत के आसपास बनी बांबियों में दूध रखा।
विज्ञापन

शहर के प्रमुख बांबेश्वर मंदिर में आस्थावानों ने दुग्धाभिषेक किया। नाग समाधि पर पूजन कर दूध चढ़ाया। आसपास मेला सा नजारा रहा। सपेरे सर्प के दर्शन कराने और गले में डालने के एवज में श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठते रहे। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। महेश्वरी देवी, काली देवी, संकट मोचन आदि मंदिरों महिलाओं ने भगवान शिव और नाग का पूजन किया।
मंदिरों के बाहर बड़ी संख्या में सपेरे सांपों का प्रदर्शन करते रहे। बबेरू में मढ़ीदाई मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव व नाग देवता की पूजा कर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। अतर्रा संवाद के मुताबिक, बांदा रोड नहर किनारे स्थित शिव मंदिर में नाग पंचमी पर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई। भुवनेश्वर, आदित्य, विकास, अजय, सात्विक, राजेश श्रीवास्तव, कमल, नम्रता आदि ने पूजन कर भजन कीर्तन किया।
विज्ञापन

इस मंदिर से पिछले साल शिवलिंग की प्रतिमा चोरी हो गई थी। नरैनी संवाद के अनुसार, कालिंजर के नीलकंठेश्वर मंदिर में कस्बा सहित आसपास के गांवों के लोगों ने शिव व नाग देवता की पूजा की। तिंदवारी, कमासिन, खप्टिहा कलां, बिसंडा, बेंदाघाट, करतल आदि में भी नागपंचमी पर्व की धूम रही।
मिट्टी के शिवलिंगों का हुआ अभिषेक
अतर्रा। गौराबाबा धाम में मिट्टी के शिवलिंगों का निर्माण कर दूध, दही, शहद से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर फल-फूल व बेलपत्र अर्पित किए गए। नरैनी विधायक राजकरण कबीर, ब्लाक प्रमुख महुआ उर्मिला कबीर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
बाद में शिवलिंगों को गाजे बाजे के साथ नदी में विसर्जित किया गया। भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। राहुल सोनी, योगेद्र, अनिल गुप्ता, पवन, दीपक आदि ने व्यवस्था संभाली। महंत पुरुषोत्तम दास ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें