बांदा। कार्यदाई संस्था द्वारा 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके संविदा कर्मियों को हटा दिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने शनिवार को यहां धरना-प्रदर्शन किया। कार्यदाई संस्था पर मनमानी के आरोप लगाते हुए हटाए गए कर्मियों को बहाली की मांग की।
अधिशासी अभियंता कार्यालय में धरने के दौरान संघ की खंडीय कमेटी के नेताओं ने कहा कि इलाहाबाद की संस्था यहां अनुरक्षण कार्य में लगे संविदा श्रमिकों को 55 वर्ष आयु में हटा रही है। कुशल श्रमिक राजेश पांडेय (चिल्ला रोड) और कृष्ण कुमार गुप्ता (अतर्रा) इसकी बानगी हैं। जबकि श्रम विभाग 58 वर्ष तक के श्रमिकों को पंजीकृत करके पेंशन का लाभ दे रहा है।
संघ नेताओं ने कहा कि कौन श्रमिक काम करने में सक्षम है यह तय करना विभागीय अधिकारियों का काम है। ठेकेदार का नहीं। अधिशासी अभियंता ने धरना दे रहे बिजली कर्मियों को भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर अधीक्षण अभियंता से वार्ता करेंगे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी कमाल अहमद ने दी।
पावर कारपोरेशन निविदा संघ के बैनर तले बबेरू, पखरौली, कमासिन, समगरा, मरका, बीरा, जामू, ओरन, बिसंडा निविदा संविदा बिजली मजदूरों ने धरना दिया। अध्यक्ष नीलेंद्र ने बताया कि 7 सितंबर से प्रदेश व्यापी धरना लखनऊ में चल रहा है। अब तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया। प्रवीण यादव, दिनेश कुमार, अमर, इमरान खां, नवल किशोर, देवीचरण, सिद्धार्थ गुप्ता, संतोष, महेश, पप्पू, कल्लू, उमाशंकर, बुधराज, श्यामलाल मौर्य, हरिश्चंद्र, राम महेश, शिवाकांत, अन्नू आदि उपस्थित रहे।