ओरन। सोमवार को तड़के घर से रानीपुर गांव से अपहृत किए गए 15 वर्षीय किशोर राघवेंद्र कुशवाहा को पुलिस ने गांव से ही बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी सहित दोनों अपहरणकर्ताओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
उधर, ग्रामीणों में भी अपहरण की घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। अपहरण की घटना पर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने अपहृत के मिलने और अपहर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाईं थीं। सर्विलांस टीम भी सक्रिय थी। मंगलवार को सुबह पुलिस ने कमासिन थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव के लोधन थोक नहर पुल के पास से अपहृत राघवेंद्र कुशवाहा को ढूंढ निकाला गया। पूछताछ में किशोर ने पुलिस को बताया कि उसका अपहरण किया गया था। पुलिस के दबाव के चलते अपहरण करने वाले उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस ने अपहरण में नामजद गांव के ही मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह को लमियारी धुमाई गांव और उसके साथी संतु सविता को दूसरे स्थान से गिरफ्तार कर लिया ह्रै।
चर्चा है कि अपहर्ताओं की निशानदेही पर अपहृत राघवेंद्र को पुलिस ने ढूंढ निकाला। अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप चौहान ने बताया कि अपहृत राघवेंद्र कुशवाहा को ढूंढ निकाला गया है। राघवेंद्र और पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, सीओ सियाराम बरामदगी और गिरफ्तारी पर पूछकर बताते हैं, की बात कहकर टालते रहे। गौरतलब है कि रानीपुर गांव में सोमवार को तड़के महज तीन बीघा जमीन के विवाद में रामकुमार कुशवाहा के छोटे बेटे राघवेंद्र को दरवाजे पर सोते समय आरोपी जबरन घसीटकर ले गए थे। मां कुसुमकली व मौसी के पीछे भागने पर आरोपियों ने तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस फोर्स उसकी तलाश में जुटी थीं।