आनलाइन प्रशिक्षण में शामिल मंडल के कम्युनिटी हेल्थ आफीसर। संवाद
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के गांवों में घरों के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए चल रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) को और बेहतर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी कवायदें शुरू कर दी हैं। मंगलवार को मंडल के चारों जनपदों के कम्युनिटी हेल्थ आफीसरों (सीएचओ) को दो दिवसीय आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।
अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डा.नरेश सिंह तोमर ने प्रशिक्षण शुरू करते हुए कहा कि समुदाय आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडल के चारों जिलों में एचडब्ल्यूसी में दी जा रही सेवाओं को और बेहतर बनाया जाना है।
प्रशिक्षण में गैर संचारी रोग, नवजात और शिशुओं का स्वास्थ्य, ओरल या डेंटल हेल्थ, हेल्थ केयर, ईटराइट टूल किट, फैमिली प्लानिंग, टीकाकरण, तंबाकू, परिवार नियोजन, शिशु-मातृ की मृत्यु दर समीक्षा व सुरक्षा, जननी बाल सुरक्षा योजना और एनीमिया आदि को शामिल किया गया है।
इन रोगों और समस्याओं से भारत को मुक्त किए जाने की योजना चल रही है। मंडलीय परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन सोमवार को महोबा व चित्रकूट के 80 सीएचओ ने प्रशिक्षण लिया था। वहीं मंगलवार को अंतिम दिन बांदा व हमीरपुर के 120 सीएचओ शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण एक वर्ष चलेगा। इसके लिए 24 सत्र बनाए गए हैं। हर माह दो सत्र चलाए जाएंगे। यह पहला सत्र था। प्रशिक्षण में 30 वर्ष की उम्र पार कर रहे महिला-पुरुषों के सी-बैक फार्म और फैमिली फोल्डर फार्म पर भी चर्चा हुई।