बांदा। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते सन्नाटे में बीते दीपदान मेले में अबकी श्रद्धालुओं की आस्था सिर चढ़कर बोली। देश-प्रदेश के विभिन्न जिलों से परिवहन निगम की बसों से आए लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने दीपदान मेले में शामिल होकर दीपदान और पूजा-अर्चना की। उधर, परिवहन निगम को पांच दिवसीय दीपदान मेले में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की आमदनी किराए के रूप में हुई। परिवहन निगम ने 320 बसों का बेड़ा मेले के लिए लगाया था।
दीपावली पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से चित्रकूट आते हैं। यहां मंदाकिनी नदी में दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मेला का यह रेला ट्रेन, सरकारी व प्राइवेट बस तथा निजी वाहनों से आता है। इनके अलावा बड़ी तादाद में आसपास के जिलों से श्रद्धालु पैदल चित्रकूट पहुंचते हैं। परिवहन निगम श्रद्धालुओं के लिए विशेष बसें संचालित करता है।
इस वर्ष प्रदेश की विभिन्न डिपो की 320 बसें लगाई गई थीं। इनमें चित्रकूटधाम मंडल की 140 बसें शामिल थीं। बांदा, महोबा डिपो से 45-45, राठ से 30 व हमीरपुर डिपो से 20 बसें लगाई गई थीं। बसों का परिचालन दो नवंबर को धनतेरस से शुरू हुआ था। शनिवार को मेले का अंतिम दिन था। लगभग सभी यात्री वापस लौट गए। चित्रकूटधाम मंडल परिवहन निगम को कुल 1.45 करोड़ रुपये किराए के रूप में हासिल हुए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। लगभग डेढ़ सैकड़ा कर्मियों ने रात-दिन ड्यूटी दी।