अतर्रा। हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं, लोगाें को आपस में जोड़ने की कला भी है। इसमें विनम्रता और भरपूर अपनेपन का भाव है। यह विचार हिंदी हैं हम पर अमर उजाला के तत्वावधान में आयोजित पोस्टर और पेंटिंग प्रतियोगिता के अवसर पर प्रतिभागियों और शिक्षाविदों ने व्यक्त किए।
यहां ब्रह्मविज्ञान इंटर कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पोस्टर/पेंटिंग प्रतियोगिता के जरिए हिंदी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रतियोगिता में हाईस्कूल से इंटर तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। हिंदी हैं अभियान को सभी ने सराहा।
पोस्टर प्रतियोगिता में हाईस्कूल के छात्र शुभम अव्वल रहे। आंचल मिश्रा को द्वितीय और परी सिंह (कक्षा 11) को तीसरा स्थान मिला। पेंटिंग प्रतियोगिता में 9वीं की छात्रा ज्योति सिंह की पेटिंग प्रथम रही। यह पेंटिंग हिंदी मातृ भाषा को लेकर बनाई गई थी।
दूसरे स्थान पर 10वीं की छात्रा खुशी शुक्ला रहीं। तीसरा स्थान संयुक्त रूप से दो छात्राओं शिवानी (कक्षा 11) और कामिनी (कक्षा 10) को मिला। इनके अलावा आरती देवी, पलक, रोशनी, आंकाक्षा, प्रतिभा, प्रियांशी की पेंटिंग भी सराहनीय रही।
निर्णायक मंडल में कॉलेज अध्यापक चेतराम, सुशीलदत्त और मधु सविता शामिल रहे। स्कूल स्टाफ के मनोज द्विवेदी, जेपी कोमल, राममिलन, बुद्धविलास, प्रेमलता आदि ने सहयोग किया।
हिंदी हैं हम अभियान सामयिक
अतर्रा। प्रधानाचार्य शिवदत्त त्रिपाठी ने हिंदी हैं हम अभियान को सराहते हुए समय की जरूरत बताया। उन्होंने प्रतियोगिता के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। कहा कि इस अभियान से मातृ भाषा के प्रति जागरुकता पैदा होगी।