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हड़ताल से रोजाना एक करोड़ के राजस्व का नुकसान

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अतर्रा। वकीलों की हड़ताल से प्रतिदिन सिर्फ रजिस्ट्रार कार्यालय में सरकार को बैनामा, वसीयत, इकरारनामा आदि से एक करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व का चूना लग रहा है।
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उधर, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि न्यायालयों में न्यायिक कामकाज न होने से दूरदराज से आने वाले तारीखें लेकर बैरंग लौट रहे हैं। सब रजिस्ट्रार की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध वकील तहसील बार एसोसिएशन बैनर तले पिछले 15 दिन से हड़ताल पर हैं।
रजिस्ट्रार कार्यालय के सूत्रों की मानें, तो प्रतिदिन हड़ताल से सरकार को एक करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। रजिस्ट्री कार्यालय में रोजाना तीन दर्जन से अधिक बैनामा, इकरारनामा, वसीयत आदि कार्य होते थे।
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हड़ताल से एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि की अदालतें भी सूनी पड़ी हैं। दूरदराज से आ रहे वादी सिर्फ तारीख लेकर लौट जाते हैं। भूमि संबंधी, शांतिभंग जैसे मामलों में राहत नहीं मिल रही है।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव व महासचिव बृजमोहन सिंह राठौर का कहना है कि जब तक सब रजिस्ट्रार का तबादला नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल से शांतिभंग के आरोपी जेल में
वकीलों की हड़ताल से शांतिभंग के मामलों के आरोपियों को मुचलके पर जमानत नहीं मिल पा रही है। एसडीएम कोर्ट उन्हें जेल भेज रही है। एक पखवाड़े में दो दर्जन से अधिक शांतिभंग के आरोपी जेल भेजे गए।
गोखिया गांव निवासी राममूरत, पचोखर निवासी धनश्याम हड़ताल के कारण पिछले दो दिनों से जेल में है। कमोवेश यहीं स्थिति अन्य आरोपियों की भी है।
कुछ वकील हड़ताल के विरोध में उतरे
रजिस्टरी कार्यालय सहित अन्य न्यायिक कार्यों से जुड़े कुछ अधिवक्ता हड़ताल के विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि हड़ताल से दूरदराज से आने वाले वादी-प्रतिवादी बेवजह परेशान हो रहे हैं। उनका पैसा व समय दोनों बर्बाद हो रहा है। उधर, जूनियर वकील खासे परेशान हैं।
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