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हफ्तों से ढिंढोरा, वक्त आया तो साबित हुआ ढकोसला

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बांदा के आर्य कन्या में मतदान के लिए बूथ पर गए मतदाताओं के मोबाइल फोन लेकर उनका इंतजार करती युवती? - फोटो : BANDA
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बांदा। मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग की ओर से बनवाए गए ज्यादातर सेल्फी प्वाइंट बेमतलब रहे। ये सेल्फी प्वाइंट मतदान प्रतिशत बढ़ाने के मकसद से बनवाए गए थे। मगर यहां तक मोबाइल फोन नहीं ले जाने दिए गए। प्रशासन की बदइंतजामी और पुलिस की सख्ती से बिना वोट डाले ही तमाम मतदाता लौट गए। इस पर खर्च किया गया पैसा फिजूल साबित हुआ।
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मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार जागरुकता अभियान चलाया गया। सेल्फी प्वाइंट बनाकर युवाओं को आकर्षित करने का ढिंढोरा पीटा गया। मगर वोट डालकर सेल्फी लेने का वक्त आया तो सब ढकोसला साबित हुआ।
मतदाता मोबाइल फोन के साथ मतदान केंद्र पहुंचे तो गेट पर भी सुरक्षा बलों ने रोक लिया। बगैर फोन के ही एंट्री की अनुमति दी। जिन मतदाताओं का केंद्र के बाहर फोन रखने का इंतजाम हो गया, उन्होंने वोट डाला। जो मतदाता फोन बाहर रखने का इंतजाम नहीं कर सके वे बिना वोट दिए ही लौट गए।
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यहां नहीं मिली अनुमति
शहर में जीजीआईसी, जेएन कॉलेज, महिला डिग्री कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कालेज सहित ग्रामीण क्षेत्रों मवई बुजुर्ग, गंछा व अन्य गांवों में मोबाइल के साथ मतदान केंद्र में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
यहां हटाए गए सेल्फी प्वाइंट
तिंदवारी क्षेत्र के कस्बे सहित भुजरख, पिपरगवां, पिपरहरी, जसईपुर आदि गांवों में मतदान केंद्रों से सेल्फी प्वाइंट हटा दिए गए। बताया गया कि इन्हें पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हटाया गया है। मतदान केंद्रों पर पुलिस अधीक्षक खुद माइक से मतदाताओं से बूथ के अंदर मोबाइल ले जाने पर कार्रवाई की चेतावनी देते रहे।

Drummed for weeks, proved to be a hoax when the time came- फोटो : BANDA

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