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डेंगू मरीज मिले 14, ठीक हुए 12

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बांदा। बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में लगभग पांच सैकड़ा मरीज बुखार के ओपीडी में इलाज को पहुंच रहे हैं। दोनों अस्पतालों में कुल 32 बुखार के मरीज भर्ती हुए।
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उधर, जनपद में अब तक 14 डेंगू पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इनमें 12 मरीजों के ठीक होने का स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1279 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें तीन सैकड़ा से ज्यादा मरीज बुखार और जुकाम के थे।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया। नौ संदिग्धों की डेंगू जांच कराई गई, लेकिन कोई पॉजिटिव नहीं पाया गया। वहीं बुखार से हालत गंभीर होने पर 13 मरीजों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
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उधर, राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में 1123 मरीज इलाज को पहुंचे। इनमें करीब ढाई सैकड़ा बुखार से पीड़ित पाए गए। इनमें 88 बुखार पीड़ितों की मलेरिया और डेंगू की जांच कराई गई। यहां भी कोई डेंगू पॉजिटिव केस नहीं मिला।
उन्नीस बुखार के मरीजों को इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि दवाएं पर्याप्त हैं। फिलहाल कोई बुखार का मरीज गंभीर नहीं पाए गए। डेंगू के एक मरीज भर्ती हैं।
उनकी हालत में भी तेजी से सुधार हो रहा है। उधर, सीएमओ डा. वीके तिवारी ने बताया कि अब तक जनपद में कुल 14 संभावित डेंगू मरीज पाए गए हैं। इनमें 12 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एक डेंगू संदिग्ध मरीज जिला अस्पताल में और एक मेडिकल कालेज में भर्ती है।
तेरह संदिग्धों की बनाई गई स्लाइड
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि डेंगू संदिग्ध मरीज मिलने पर मलेरिया विभाग की आठ सदस्यीय टीम उनके घरों में जांच को जा रही है। लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव हो रहा है। मंगलवार को महुआ ब्लाक के बिलगांव गांव में 106 घरों और 268 पात्रों (बर्तनों) की जांच की गई।
इनमें 8 घर व 13 पात्रों में धनात्मक लार्वा पाया गया है। वहां दवा का छिड़काव और जरूरी उपचार किया गया। 13 मलेरिया संदिग्धों की स्लाइड बनाई गई। साथ ही संबंधित परिवार तो रोग और इलाज के प्रति जागरूक किया गया।
दस हजार प्लेटलेट्स तो घबराएं नहीं
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजीशियन डा. शैलेंद्र कुमार यादव और जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डा. विनीत सचान ने बताया कि वायरल बुखार और संचारी रोगों का मौसम है।
प्लेटलेट्स को लेकर आम लोगों में भ्रम की स्थिति रहती है। ज्यादातर लोग प्लेटलेट्स कम होने को डेंगू मान लेते हैं, जबकि यह गलत है। करीब आधा दर्जन ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकती हैं।
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खास बात यह है कि प्लेटलेट्स यदि 10 हजार तक है और ब्लीडिंग नहीं हो रही, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, इलाज योग्य चिकित्सक से कराएं।
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