बांदा। सोमवार को मंडल मुख्यालय की नाकतले स्थित दो गांवों में एक के बाद एक करके आठ घंटे में हुई दो हत्याओं की घटना में दूसरे दिन भी पुलिस हत्याभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। हालांकि भूरागढ़ में प्रापर्टी डीलर की हत्या में पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल पर ही मीडिया को बताया था कि सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, मटौंध थाना पुलिस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने की बात कहकर मंगलवार को देर शाम तक अभियुक्तों की लिखा-पढ़ी न कर पाने की दलील देती रही। उधर, पिपरी गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
शहर सीमा से चंद किलोमीटर दूर पिपरी गांव (देहात कोतवाली) में 22 वर्षीय पंकज सिंह को खेत में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के चाचा ने छह लोगों को नामजद किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डॉग स्क्वॉयड के अलावा पुलिस की दो टीमें लगाई गई थीं। लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक बृजेश यादव ने वीआईपी ड्यूटी में व्यस्तता बताई। गांव में उप निरीक्षक और छह कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।
उधर, शहर सीमा के नजदीक भूरागढ़ (मटौंध थाना) गांव में सोमवार कीद दोपहर प्रापर्टी डीलर राम सिंह यादव (36) की घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इसमें प्रेम-प्रसंग और लेन-देन का विवाद बताया जा रहा था। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को दी बाईट में कहा था कि सभी आरोपी पकड़ लिए गए हैं। लेकिन मंगलवार को दूसरे दिन इनके बारे में पुलिस अगली जानकारी नहीं दे पाई। न ही उन्हें जेल भेजा गया। देर शाम मटौंध थाना इंसपेक्टर अरविंद सिंह गौर ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रहने से चालान संबंधी औपचारिकता/लिखा-पढ़ी पूरी नहीं हो पाई।