भाजपा जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा में बुंदेलखंड में बांदा का पेंच फंस गया है। इस क्षेत्र के अन्य जनपदों के अध्यक्षों की बुधवार को देर शाम सूची जारी कर दी गई। इसमें बुंदेलखंड के पांच जनपद शामिल है। बस, सूची से नदारद है तो बांदा। भाजपा हाईकमान हलाकान है कि यहां किसे कमान दिया जाए।
सत्तारूढ़ दल का जिलाध्यक्ष होना महत्वपूर्ण होने के साथ ही स्टेटस सिंबल भी है। मौजूदा में जिलाध्यक्ष पद पर लवलेश सिंह पदासीन हैं। पिछले माह से भाजपा के संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है।
प्रदेश हाईकमान द्वारा यहां के लिए नियुक्त चुनाव अधिकारी संजय राय ने यहां पिछले हफ्ते जिले के सभी 32 मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों से जिलाध्यक्ष के लिए मौखिक राय ली थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट प्रदेश हाईकमान/ चुनाव अधिकारी को सौंप दी है।
बुधवार को भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारी आशुतोष टंडन ने प्रदेश के सभी 59 जनपद के जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी। इसमें बुंदेलखंड के चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन और झांसी महानगर शामिल है, लेकिन बांदा का नाम नहीं है।
यहां के जिलाध्यक्ष का नाम घोषित न होने से एक तरफ जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है, वहीं अध्यक्ष पद के दावेदार भी परेशान हैं। उन्होंने अपनी जोड़- तोड़ और जुगत तेज कर दी है।
भाजपा गलियारों में चर्चा है कि हाईकमान जातिगत संतुलन साधने के चक्कर में उलझी हुई है। चित्रकूट में कायस्थ, हमीरपुर में वैश्य और महोबा क्षत्रिय अध्यक्ष घोषित किए हैं। यहां प्रमुख दावेदारों में आधा दर्जन नाम सरे फेहरिस्त हैं।
इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकंद शुक्ल और वर्तमान जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह सहित विजय बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह नन्ना, रामनारायन द्विवेदी, प्रद्युमभन नरेश आजाद, मनोज पुरवार, आशुतोष आदि के नाम भी बताए जा रहे हैं। अन्य कई नाम भी शामिल है। ब्राम्ह्ण दावेदारों में बालमुकंद शुक्ल का कद ज्यादा बताया जा रहा है।
भाजपा हाईकमान द्वारा बुंदेलखंड के घोषित पांच जिलाध्यक्षों में कहीं भी महिला नहीं है। महिलाओं के हक में बढ़ चढ़कर दावे करने वाली भाजपा का यह रवैया पार्टी से जुड़ी महिला कार्यकर्ता व नेताओं को परेशान और क्षुब्ध करने वाला हैं। अनुशासन के बंधन में बंधी महिलाएं फिलहाल खुलकर कुछ नहीं कह पा रहीं।