बांदा में पूर्व सहायक आयुक्त (उद्योग) सर्वेश कुमार दीक्षित को कोतवाली नगर पुलिस ने सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ शहर कोतवाली और गिरवां थाने में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है।
हालांकि पुलिस ने पूर्व सहायक आयुक्त की गिरफ्तारी बांदा बस स्टैंड से दर्शायी है। उद्यम एवं प्रोत्साहन केंद्र बांदा के उपायुक्त जहीरूद्दीन सिद्दीकी ने ढाई माह पूर्व 17 जून को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खीरी के धौरहरा भेरईया रामलोक निवासी सर्वेश कुमार दीक्षित सहायक आयुक्त पद पर तैनात थे।
उन्होंने उद्योग केंद्र कार्यालय की लगभग 50 हजार वर्ग फिट जमीन की फर्जी दस्तखत व मुहर से अपने पक्ष में रजिस्ट्री कर ली। शासन की ओर से कराई गई जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उपायुक्त ने कोतवाली नगर में धोखाधड़ी, जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
दूसरी तरफ पूर्व सहायक आयुक्त ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री समेत सदर विधायक के खिलाफ अभद्र पोस्टें डालीं। आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर सर्वेश कुमार दीक्षित के खिलाफ शहर कोतवाली और गिरवां थाने में एक-एक और रिपोर्ट दर्ज हो गयी। पुलिस को उसकी तलाश थी।
सोमवार को कोतवाली क्षेत्र के मर्दन नाका चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्वेश को लखनऊ आवास से गिरफ्तार कर लिया। देर रात बांदा ले आयी। हालांकि कोतवाली नगर प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट स्टे से बहाली होने पर वह लखनऊ से बांदा जॉइनिंग में आया था। तभी बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया।