बांदा। डेंगू का एक और मरीज सामने आया है। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। अब जिले में डेंगू संभावित मरीजों की संख्या सात हो गई है। फिलहाल मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला है। उधर, मौसम में बदलाव से जुकाम, खांसी और बुखार पीड़ितों की संख्या के साथ ओपीडी में आने वाले मरीजों में इजाफा हुआ है। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में रोजाना इनकी संख्या एक हजार पार पहुंच रही है।
बड़ोखर ब्लाक के पचनेही गांव में 27 वर्षीय युवक में डेंगू के लक्षण पाए गए। एनएस-वन किट जांच पॉजिटिव आने के बाद उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवा का छिड़काव और फागिंग कराई। अब यहां कुल सात डेंगू पॉजिटिव केस मिल चुके हैं।
इनमें चार स्वस्थ हो चुके। तीन अभी भी भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी की सेहत में सुधार का दावा कर रहा है। उधर, जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में बुखार के लगभग 20 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें अधिकांश 2 से 8 वर्ष के बच्चे हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश बुखार के मरीज हैं। इसी तरह राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में भी एक हजार से ज्यादा मरीज इलाज को जा रहे हैं। रोजाना लगभग 200 से 300 मरीज बुखार के मिल रहे हैं। डेंगू और मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की जरूरी जांच कराई जा रही है।
सप्ताह भर में ओपीडी में आए मरीज
तारीख जिला अस्पताल मेडिकल कालेज
9 सितंबर 1037 948
10 सितंबर 1113 1080
11 सितंबर 1089 1007
13 सितंबर 1236 1121
14 सितंबर 1266 1139
15 सितंबर 945 856
16 सितंबर 1334 1102
अब तक वायरल बुखार के 2719 मरीज मिले
बांदा। सीएमओ डॉ. वीके तिवारी और जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि डोर-टू-डोर सर्वे में 578 टीमों ने अब तक जिले में 2,83,918 घरों की जांच की गई। 2719 लोग वायरल बुखार से ग्रसित पाए गए। उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए भेजा गया।
जलभराव वाले स्थानों में लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव लगातार जारी है। सीएमओ ने कहा कि सामान्य बुखार होने पर भी अस्पताल जाकर इलाज कराएं। कोई भी बुखार डेंगू या मलेरिया हो सकता है। बिना जांच के दवा का इस्तेमाल न करें। घरों में पात्रों में पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी जरूर बदलें।