बांदा। किसानों को सिंचाई के लिए पानी तो नहीं मिला और अब अगले माह से गर्मी में पशुओं को पीने के पानी के भी लाले पड़ेंगे। तालाब भी नहीं भर सकेंगे। चित्रकूटधाम मंडल के तीन जनपदों में 1235 नलकूपों में 45 नलकूप विद्युत व यांत्रिक दोष से खराब हैं। डार्क जोन घोषित होने के कारण जनपद महोबा में सरकारी नलकूप नहीं हैं।
गर्मी ने दस्तक दे दी है। पशुओं के पीने का पानी तालाबों से उपलब्ध कराया जाता है। तालाबों को नहरों या फिर नलकूपों से भरा जाता है। लेकिन तीनों जिलों में खराब पड़े नलकूपों से तालाब नहीं भर पाएंगे और इस वजह से पशुओं को पानी का संकट होगा। किसानों को भी रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सकेगा।
पूर्व की तरह अबकी भी किसानों को फसल सिंचाई को प्राइवेट नलकूप से पानी खरीदना पड़ सकता है। अधीक्षण अभियंता (नलकूप) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा हमीद उल्ला ने कहा कि नलकूपों को ठीक करने का काम निरंतर चलता रहता है। 15 से एक माह के अंदर नलकूप खराब हुए हैं। जल्द उन्हें ठीक कराया जाएगा। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी तालाब भरे जाएंगे।
चित्रकूटधाम मंडल में खराब पड़े नलकूप
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जनपद नलकूप खराब
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बांदा 648 24
चित्रकूट 20 02
हमीरपुर 567 19
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योग- 1235 45
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4500 हेक्टेअर जमीन को नहीं मिला पानी
मानक के अनुसार एक नलकूप से 100 हेक्टेअर क्षेत्रफल सिंचित होता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 45 नलकूपों के खराब होने से 4500 हेक्टेअर जमीन सिंचाई से वंचित रही। वहीं पंचायती राज विभाग के अनुसार एक नलकूप से आसपास के दो से तीन तालाब भरे जाते हैं। नलकूप ठीक नहीं हुए तो 135 तालाब पानी से नहीं भर पाएंगे। पशुओं को पीने के पानी के लिए भटकना होगा।