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प्रसूता की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया

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बलरामपुर। जिला महिला अस्पताल में लापरवाही व धन उगाही के मामलों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते गुरुवार को एक प्रसूता की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। परिजन अस्पताल के सर्जन के खिलाफ कार्रवाई व केस दर्ज किए जाने की मांग कर रहे थे। सीएमएस के आश्वासन तथा पुलिस द्वारा तहरीर लिए जाने पर परिजन शांत हुए।
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सदर ब्लॉक क्षेत्र के सायडीह मदारा निवासी रवि प्रताप सिंह की पत्नी प्रिया सिंह (30) को प्रसव के लिए पहली मार्च को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार की सुबह प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। नार्मल डिलेवरी होनेे के कारण परिजन काफी खुश थे।
रात में प्रिया को झटके आने लगे तो स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद ही प्रिया बेहोश हो गई। उसकी हालत गंभीर होने के बावजूद न तो उसे कहीं रेफर किया गया और न समुचित इलाज ही किया गया। गुरुवार की सुबह प्रिया की मौत हो गई।
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प्रसूता की मौत से नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उसकी मां सावित्री सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आरके सिंह के कहने पर स्टाफ नर्स ने प्रसव के लिए 20 हजार रुपये ले लिए। रुपया लेने के बावजूद प्रिया का सही ढंग से इलाज नहीं किया गया। गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण ही प्रिया की मौत हुई है। प्रसूता के पति रवि प्रताप सिंह सर्जन व संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व केस दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े रहे।
मामले की सूचना मिलने पर नगर कोतवाली की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने परिजनों को आश्वासन दिया कि लापरवाही व पैसा लिए जाने की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर कोतवाली की पुलिस ने परिजनों से तहरीर लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने तथा रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएमएस व पुलिस के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पैसा लिए जाने और लापरवाही बरते जाने की शिकायतें मिलती हैं। गुरुवार को भी इस तरह की शिकायत मिली है। मामला काफी संवेदनशील है। मामलेे की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर सर्जन व स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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