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आज से तीन लाख नौनिहालों की स्कूलों में गूजेंगी रौनक

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बलरामपुर। तीन लाख नौनिहालों की एक सितंबर से प्राथमिक स्कूलों में रौनक गूजेंगी। 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए 1651 सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ाई कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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कोरोना महामारी के चलते गत छह माह से छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन क्लास में पढ़ाया जा रहा था। छात्र-छात्राओं को नई किताबें बांट दी गई हैं लेकिन ड्रेस व जूता-मोजा अभी तक नसीब नहीं हुआ है। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के करीब 250 स्कूलों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने मंगलवार को बताया कि एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के 1161 प्राथमिक के 1,40,961, 390 कंपोजिट के 92,177, विभाग से मान्यता प्राप्त व अन्य बोर्डों के करीब 100 स्कूलों के 67 हजार छात्र-छात्राओं को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने के साथ आफलाइन तरीके से पढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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बाढ़ से प्रभावित करीब 250 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त व अन्य बोर्डों के स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है। सरकारी व मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों में निशुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण करा दिया गया है।
सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को अभी तक शासन स्तर से ड्रेस व जूता-मोजा नहीं मिला है। शासन स्तर से ड्रेस व जूता-मोजा मिलने के बाद तत्काल छात्र-छात्राओं को वितरित करा दिया गया है। डीसी निरंकार पांडेय, एनके सिंह, आभा त्रिपाठी, फिरोज अहमद व मोहित देव त्रिपाठी के साथ-साथ जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में तैनात खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट तलब की गई है।
रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। सभी विद्यालयों में परिसर, फर्नीचर, उपकरणों, स्टेशनरी, रसोई घर, कैंटीन व पुस्तकालय आदि की अच्छी तरह नियमित साफ-सफाई, नालियों व शौचालयों में कीटनाश्कों का छिड़काव कराए जाएंगे।
सभी स्कूलों में साबुन, पानी व सैनिटाइजर आदि के इंतजाम किए जाएंगे। प्राथमिक उपचार के लिए अटेंडेंट, नर्स, चिकित्सक व काउंसलर की व्यवस्था की जाएगी। विद्यालय स्तर पर टॉस्क टीम गठित किया जाएगा। निजी व सरकारी अस्पताल से संपर्क के लिए मोबाइल नंबर अवश्य रखना होगा।
डॉक्टर व थर्मल स्कैनर से जांच की जाएगी। छात्र-छात्राओं का तापमान अधिक होने पर तत्काल अस्पताल भेजने की व्यवस्था की जाएगी। सभी स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में मास्क का इंतजाम किया जाएगा। निजी स्कूलों के वाहनों को नियमित सैनिटाइज कराया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में बैठाया जाएगा।
अभिभावकों से सहमति लेकर छात्र-छात्राओं को स्कूलों में पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा। छात्र-छात्राओं की अधिक संख्या वाले विद्यालयों को दो पालियों में खोले जाएंगे। प्रथम व द्वितीय पाली में 50-50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए बुलाया जाएगा।
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