बलरामपुर। निकायों में सफाई और स्वच्छता के लिए भले ही प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हों लेकिन इस खर्च का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में पचपेड़वा तथा उतरौला निकाय ने अपनी कमियों में सुधार कर अच्छा काम किया है वहीं बलरामपुर तथा तुलसीपुर निकाय की रैंकिंग गत वर्षों की अपेक्षा गिर गई है। रैंकिंग गिरने से न केवल इन दोनों निकायों की छवि धूमिल हुई है बल्कि लोगों में आक्रोश भी दिख रहा है।
विदित हो कि वर्ष 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण में तुलसीपुर निकाय को उत्तर प्रदेश के नार्थ जोन में 18वां स्थान मिला था। 2021 की रैंकिंग में आदर्श नगर पंचायत तुलसीपुर की रैंक 224 पहुंच गई है। एक साल में ऐसा क्या हुआ कि इस नगर निकाय की रैंकिंग 206 अंक गिर गई।
इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। निकाय प्रशासन ने संसाधनों का भरपूर उपयोग भी किया है। यही हाल आदर्श नगर पालिका बलरामपुर का है। गत वर्ष बलरामपुर को नार्थ जोन में 36वां स्थान मिला था।
इस बार यह 47वें स्थान पर पहुंच गया है। नगर में स्थायी कर्मचारियों के अलावा सविंदा/आउटसोर्सिंग के तहत करीब 150 कर्मचारी सफाई कार्यों में लगे हुए हैं। इसके बाद भी शहर की गंदगी क्यों नहीं साफ हुई यह यक्ष प्रश्न लोगों में कौतूहल का विषय हुआ है।
पचपेड़वा नगर पंचायत ने इस बार सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। गत वर्ष इस निकाय की रैंकिंग 467वें स्थान पर थी। इस बार इसे उत्तर प्रदेश के नार्थ जोन में 215वां स्थान मिला है। इसी तरह आदर्श नगर पालिका उतरौला ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
गत वर्ष 107वें स्थान पर रही इस नगर पालिका को इस बार 85वां स्थान मिला है। अब सवाल यह उठता है कि जिले की चारो निकायों में दो निकायों का प्रदर्शन जहां बेहतर हुआ वहीं दो निकाय रैंकिंग में फिसड्डी साबित हुए हैं।