बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र अंतर्गत खेत में काटकर रखी धान की फसल में भरा पानी।
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बलरामपुर। तेज धूप के बीच दोपहर में तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी है। धान की तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है। गन्ने की फसल भी गिर गई है। बारिश के चलते तिलहनी फसलों की बुआई भी प्रभावित हुई है।
विदित हो कि बेमौसम बारिश व तेज हवा ने एक बार फिर अन्नदाताओं को चिंतित कर दिया है। खेत में कटने के लिए तैयार धान की फसल गिर गई है। कई किसानों की खेत मे कटी धान की फसल भी पानी भरने से भीग गई है। भीगी कटी फसल के दानो में या तो कीड़े पड़ जाएंगे या फिर मिट्टी के संपर्क में आने से अंकुरित हो जाएंगे।
गन्ने की फसल भी हवा के चलते खेत में भीग गई है। किसान कृष्ण गोपाल सिंह, अशफाक, इलियास, रामफेरन पांडेय, रामतेज यादव व विजय मौर्या आदि ने बताया कि खेत में गिर जाने से धान की तैयार फसल का उत्पादन 10 से 15 फीसदी प्रभावित हो सकता है।
उधर बारिश के कारण तिलहनी फसल लाही व सरसों की बुआई भी प्रभावित हो गई है। किसानो का कहना है कि इस समय लाही की बुआई का सर्वोत्तम समय चल रहा था। बारिश होने से खेत में नमी ज्यादा हो गई है। ऐसे में लाही की बुआई नही की जा सकती है।
बारिश व तेज हवा के चलते नगरीय इलाकों तथा ग्रामीण बाजारों मे लोगों को जल भराव का सामना करना पड़ा है। तेज हवा के चलते जगह-जगह बिजली के तार टूट जाने से नगर व देहात क्षेत्र की बिजली घंटो गुल रही। बूंदाबांदी के बीच बिजली कर्मी फाल्ट ढूंढने में परेशान दिखे। मुख्यालय स्थित भगवतीगंज फीडर का आपूर्ति करीब चार घंटे ठप रही। बिजली न मिलने से लोगों को गर्मी से भी जूझना पड़ा।