बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर घट गया है। खतरे के निशान से सोमवार को राप्ती नदी का पानी 23 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है जो खतरे के निशान 104.62 मीटर की तुलना में 104.39 मीटर है। जलस्तर घटने से राप्ती नदी में कटान तेज हो गई है। तीनों तहसीलों में करीब 35 गांवों पर राप्ती नदी के कटान का कहर टूटने लगा है। कटान प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के बेलहा मार्ग से राजाकोट, गुलरिहा, खजुरिया, धर्मपुर, लौकहवा व मल्हीपुर आदि गांवों को जाने वाले रास्तों पर बाढ़ का पानी उतर गया है। आसपास खेतों में लगी धान की फसलें बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गई है। रामसहज, जयंत्री प्रसाद, गोवर्धन, जय गोविंद, संजय, बृजेश कुमार व मायाराम आदि किसानों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। पिपरहवा चौराहे से बेलीकला जाने वाले मार्ग पर पहाड़ी नाले में बाढ़ आने से खेतों में लगी फसलें तबाह हो गई है। क्षेत्रवासी कल्लन, जिबराइल, हबीबुल्ला व मुस्तकीम आदि ने बताया कि धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
तुलसीपुर एसडीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। हल्का लेखपाल महादेव प्रसाद ने बताया कि क्षति का आंकलन कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। भारत नेपाल सीमा से सटे भंगहाकला गांव के ग्रामीण पंचम, ओम प्रकाश, बैतुल्लाह, चेतराम, साधू, ननकू, इद्रीश, रामचंदर, सुरेश, रफीक, रहीम व रवि आदि ने प्रदर्शन कर गांव में हुए जलभराव को लेकर विरोध जताया। इन लोगों का आरोप है कि गांव में पक्के रास्ते का निर्माण न होने से जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में बाढ़ राहत कैंप लगाकर पीड़ितों को राहत सामग्री मुहैया कराई गई। प्रधान सुमन सिंह, लेखपाल अनिरुद्ध पांडेय, रघुनाथ तिवारी, कुलदीप पांडेय, अर्जुन पांडेय, विवेक कुमार, अख्तर हुसैन, राम कुमार आदि ने 285 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट वितरित किया।
थाना महराजगंज तराई के हरिहरनगर निवासी शम्सुद्दीन ने बताया कि भारी बारिश से उनका पक्का मकान ढह गया है। पीड़ित ने डीएम से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। तुलसीपुर एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। डीएम श्रुति व एसपी हेमंत कुटियाल ने उतरौला तहसील के बाढ़ प्रभावित ग्राम चंदापुर व पालीपाला गांवों का निरीक्षण कर जायजा लिया। डीएम ने राशन व राहत सामग्री वितरण के साथ चिकित्सकों की टीम को विजिट करने, दवाएं उपलब्ध कराने व मवेशियों का चार व्यवस्थित किए जाने का निर्देश दिया। उतरौला एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने बताया कि तहसील में 14 गांव बाढ़ प्रभावित है। सभी गांवों में बाढ़ राहत कार्य मुस्तैदी से कराया जा रहा है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने उतरौला तहसील के बाढ़ चौकी एलनपुर का निरीक्षण किया। चौकी पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ को दवाओं का वितरण कराने व ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जय प्रकाश व डॉ. चंद्र प्रकाश आदि मौजूद रहे।