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सर्वर के फेर में फंसी 1.32 लाख किसानों की ई-केवाईसी

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बलरामपुर। सर्वर डाउन रहने के फेर में जिले के 1.32 लाख किसानों की ई-केवाईसी फंसी हुई है। जिले के 1152 कॉमन सर्विस सेंटरों के संचालकों को 31 मई से पहले बाकी बचे किसानों का ई-केवाईसी कराने की जिम्मेदारी सौंपी दी गई है। ऐसे में बिना ई-केवाईसी वाले किसानों को निधि की 11वीं किस्त का भुगतान नहीं मिल सकता है। जिले में 2.83 लाख के सापेक्ष 53 फीसदी के साथ 1.51 लाख किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी है। कृषि विभाग में तैनात 75 कर्मचारियों को किसानों की ई-केवाईसी कराने के लिए दिन-रात जूझना पड़ रहा है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को खाद, बीज व अन्य संसाधनों को जुटाने के लिए तीन किस्त में हर साल छह-छह हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में किसानों को 11वीं किस्त का भुगतान होना है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि देने के लिए पहले 25 अप्रैल की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन ई-केवाईसी का कार्य पूरा न होने से 31 मई को भुगतान करने की तिथि निर्धारित कर दी गई है।
जिले में सम्मान निधि के लिए 2,82,800 पात्र किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड है। जिले के कुल 53 फीसदी के साथ 1,50,500 किसानों का डेटा ई-केवाईसी के रुप में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर दिखा रहा है। बाकी बचे 47 फीसदी किसानों को ई-केवाईसी कराना है। कृषि विभाग में तैनात 75 कर्मचारियों का समूह किसानों का प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पोर्टल पर ई-केवाईसी कराने के लिए दिन-रात जूझ रहा है। टोली बनाकर कर्मचारियों का समूह गांवों में खाक छान रहा है।
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कर्मचारियों का कहना है कि सर्वर डाउन होने से किसानों की ई-केवाईसी कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान बाबूूलाल, राम नरेश, दीनदयाल, भगवती प्रसाद, राजू व सोनू आदि ने बताया कि दिन-रात लगे रहने के बाद भी ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है। निर्धारित समय को देखते हुए कृषि विभाग ने ई-केवाईसी कराने के लिए जिले के सभी नौ ब्लॉकों में संचालित कॉमन सर्विस सेंटरों के संचालकों को जिम्मेदारी सौंप दी है।
सेंटर के जिला प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सम्मान निधि के सभी किसानों का ई-केवाईसी कराने के लिए 1152 सीएससी संचालकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। 31 मई के पहले सभी किसानों की ई-केवाईसी पूरा कराने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। (संवाद)
प्रभारी उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी आरपी राना का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि पाने के लिए सभी किसानों को ई-केवाईसी(उपभोक्ता के बारे में आवश्यक जानकारी)कराना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रधानमंत्री पोर्टल पर दिए गए लिंक पर जाकर पुराने व नए सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना आवश्यक है। अपने नजदीक के जनसुविधा केंद्र से बायोमेट्रिक विकल्प के माध्यम से 31 मई से पहले ई-केवाईसी अवश्य करा लें अन्यथा आगामी आने वाली किस्त का भुगतान केंद्र सरकार की तरफ से रोक दिया जाएगा।
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