बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्थापित डिजिटल एक्स-रे की नींव (फाउंडेशन) धंस गई है। नींव धंसने से एक्स-रे कक्ष की दीवार व छत में दरारे आ गई है। नींव धंसने व कक्ष क्षतिग्रस्त होने के कारण एक्स-रे मशीन का संचालन 14 दिनों से ठप है। मरीजों को बाहर रुपये खर्च करके एक्स-रे जांच करानी पड़ रही है। सीएमओ ने फाउंडेशन निर्माण की जांच कराने तथा कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
सभी आधुनिक संसाधनों से लैस संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर एक्स-रे की सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2016 में डिजिटल एक्स-रे लगाया गया था। करीब सवा करोड़ रूपये की लागत से आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन को स्थापित करने के लिए प्रोग्नोसिस डायग्नोस्टिक सिस्टम की तरफ से फाउंडेशन तैयार किया गया था।
मानक व गुणवत्ता के अनुरूप निर्माण न होने के कारण पांच साल में ही डिजिटल एक्स-रे का फाउंडेशन धंस गया। फाउंडेशन धंसने के कारण एक्स-रे कक्ष की दीवार एवं छत भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। दीवार व छतों में मोटी दरारें पड़ गई है।
दीवार व छतों में दरार पड़ने से कक्ष कभी भी धराशाई हो सकता है। एक्स-रे टेक्नीशियन जीपी त्रिपाठी ने बताया कि फाउंडेशन धंसने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय में 16 नवंबर से ही डिजिटल एक्स-रे का कार्य ठप है। फाउंडेशन धंसने तथा डिजिटल एक्स-रे का कार्य ठप होने की सूचना विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में डिजिटल एक्स-रे का कार्य ठप होने से मरीजों को बाहर पैसे खर्च करके जांच करवानी पड़ रही है। डिजिटल एक्स-रे का संचालन होने पर संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों का एक्स-रे होता था। अब डिजिटल एक्स-रे का संचालन ठप होने से मरीजों को डिजिटल एक्स-रे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बाहर प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों पर डिजिटल एक्स-रे के लिए मरीजों को 300 रूपये से लेकर 500 रूपये तक खर्च करना पड़ता है।