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खरीफ की फसलें चौपट, रबी की बोआई में देरी

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बलरामपुर में बारिश से तबाह हुई धान की फसल को बचाने की प्रयास करता किसान व उसके परिजन - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। मौसम के बिगड़े मिजाज के दौरान चली तेज हवाओं व भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भर जाने से खरीफ की फसल चौपट हो गई है। रबी की बोआई में अब देरी होगी। खेत में कटी पड़ी धान की बाली में फफूंदी का खतरा बढ़ गया है। जबकि खेत में गिरने वाली गन्ने व अरहर की फसलों के सूखने का डर भी किसानों को सता रहा है। इसके चलते 40 फीसदी धान और 35 फीसदी गन्ने व अन्य फसलों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे छोटे व मध्यम वर्गीय किसानों के समक्ष परिवार के पालन-पोषण का संकट गहरा गया है। इससे राहत दिलाने के लिए सभी ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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किसान राम बहोर, शिव कुमार, बलदेव, शिव प्रसाद व कामता प्रसाद आदि ने बताया कि तीन दिनों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेती किसानी पूरी तरह चौपट कर दी है। इस दौरान धान की कटाई होने के कारण फसल खेत में ही पड़ी थी तभी बारिश के रुप में आसमान से बरसी आफत ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। बेमौसम हुई इस बारिश से धान की फसल को 40 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। गन्ना व अरहर की फसल गिरने से अब इसके सूखने का डर भी सताने लगा है। उड़द व अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है।
किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार से खरीफ की फसलों में नुकसान होने के साथ रबी की बोआई में भी देरी होगी। खेतों में पानी भर जाने के चलते लाही, सरसों व आलू के साथ ही गेहूं की बोआई का पिछड़ना भी तय है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में जिले के ढाई लाख किसानों ने धान, मक्का, ज्वार, उड़द, अरहर, तिल व मूंगफली की बोआई की है। जिले के एक लाख 90 हजार किसानों ने 93049.36 हेक्टयर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की है।
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धान का क्षेत्रफल- 109797 हेक्टेअर
मक्का 2474 हेक्टेअर
ज्वार 5 हेक्टेअर
उड़द 1820 हेक्टेअर
अरहर 10386 हेक्टेअर
तिल 18 हेक्टेअर
मूंगफली 10 हेक्टेअर
गन्ना 93049.36 हेक्टेअर
101 न्याय पंचायतों में गठित की गई टीम
जिले में बीते तीन दिनों की भारी बारिश व तेज हवाओं से फसलों के नुकसान का आंकलन कराने के लिए 101 न्याय पंचायतों में टीमें गठित कर दी गई हैं। टीमों में कृषि विभाग के कर्मी के साथ हल्का लेखपाल, रोजगार सेवक व गांव के दो-दो किसानों को शामिल किया गया है। टीम के आंकलन में 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होने पर किसानों को आपदा प्रबंधन से मदद मुहैया कराई जाएगी। फसल बीमा कराने वाले किसानों से अपील की गयी है कि कृषि विभाग के कर्मी, बैंक या बीमा कंपनी को तत्काल सूचना देकर धान के नुकसान का आंकलन कराएं तभी नुकसान का मुआवजा दिलाया जा सकेगा। - आरपी राना, जिला कृषि अधिकारी
किसानों को मदद देने की कवायद शुरू
- बीते तीन दिनों की भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण के लिए राजस्व अधिकारियों की टीमें गठित कर दी गई हैं। बारिश से अभी तक जिले में किसी के मकान गिरने व हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। सभी टीमें भ्रमण कर रही हैं। टीमों से मिलने वाली भ्रमण रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को मदद पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। - श्रुति, डीएम
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