बलरामपुर। डेढ़ माह बाद सोमवार को विद्यार्थियों के विद्यालयों में पहुंचने पर फूलों की वर्षा करके उनका भव्य स्वागत किया गया। कोरोना महामारी व कड़ाके की ठंड के चलते कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों को 31 दिसंबर से बंद कर ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही थी। सभी विद्यालयों में साफ सफाई के साथ सैनिटाइजेशन भी कराया गया। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के साथ विद्यार्थियों की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करा दी गई है। अभिभावकों की सहमति वाले विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया गया है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नर्सरी/ कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी/ निजी विद्यालयों में सोमवार से अब छात्र-छात्राओं की ऑफलाइन क्लास शुरू कर दी गई है। जिले के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को भौतिक रुप से पढ़ाई कराने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए कोर्स पूरा कराएं।
शिक्षण कार्य का संचालन, छात्र-छात्राओं को बैठने की व्यवस्था, विद्यालय स्तर पर होने वाले आयोजनों व बैठकों, चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता, उपस्थिति के साथ पठन-पाठन प्रारंभ करने की तैयारी सुचारु रूप से करें।
सभी छात्र-छात्राओं के सुरक्षित ठहराव की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें। सरकारी व निजी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को लाने वाले वाहनों और बैठने वाले कक्षाओं को प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जाएगा। अभिभावकों से सहमति जरूरी है।
पॉयनियर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक निदेशक डॉ. एमपी तिवारी, शारदा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य/ डायरेक्टर एडमिन डॉ. नितिन कुमार शर्मा, जीसस एंड मैरी स्कूल एंड कालेज प्रधानाचार्य के बटरफील्ड व प्रशासक क्रेग बटरफील्ड, सीएमएस के प्रधानाचार्य केपी यादव, भारतीय विद्यालय इंटर कालेज उतरौला के प्रधानाचार्य केके सरोज, इंग्लिश मॉडल स्कूल धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह व सेंट जेवियर्स स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. नीरु टंडन ने बताया कि पहले दिन छात्र-छात्राओं का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया गया।
बताया कि रोली-चंदन लगाने के बाद थर्मल स्क्रीनिंग की गई। विद्यालय में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करा दी गई है। सरकार, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से विद्यालयों में पालन किया जा रहा है। शिक्षकों को समय से कोर्स पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब डेढ़ माह बाद विद्यालय पहुंचे सभी छात्र-छात्राओं ने खुशी जताई। छात्र-छात्राओं ने कहा कि ऑनलाइन के स्थान पर अब ऑफलाइन पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।