बलरामपुर। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सोमवार को 20 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया गया। इसमें कुल 1605 गर्भवती की जांच की गई। इनमें से 135 गर्भवती उच्च जोखिम युक्त (अतिकुपोषित) पाई गईं। सभी को पौष्टिक आहार लेने का सुझाव देते हुए आयरन, फोलिक एसिड व कैल्शियम की दवा बांटी गई। अति कुपोषित मिलीं गर्भवती के परिजनों को उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का शुभारंभ किया। यहां 11 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई जिनमें से दो अति कुपोषित मिलीं। जिला महिला अस्पताल में 38 गर्भवती की जांच की गई। अति कुपोषित मिली गर्भवती को सीएमएस डॉ. विनीता राय की तरफ से दवाएं दी गईं।
सीएचसी तुलसीपुर में अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान के दिशा निर्देशन में डॉ. सौम्या नायक ने गर्भवती की जांच कर उन्हें हरे पत्ते वाली सब्जियों सहित पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने श्रीदत्तगंज सीएचसी में अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा से सुविधाओं की जानकारी ली।
मातृ शिशु स्वास्थ्य परामर्शदाता विनोद त्रिपाठी एवं यूनीसेफ की जिला समन्वयक शिखा श्रीवास्तव ने गर्भवती के साथ आए परिजनों को खानपान पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिले के 20 स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन कर 1605 महिलाओं के ब्लड ग्रुप, यूरिन, हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी, ब्लड प्रेशर व अल्ट्रासाउंड आदि जांच की गई। इनमें से 135 गर्भवती उच्च जोखिम युक्त पाई गईं। सभी गर्भवती को पौष्टिक आहार के साथ आवश्यक दवाएं लेने का सुझाव दिया गया।