बलिया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चल रहे कार्य अब अंजाम तक पहुंचेंगे। अगले महीने पांच गावों को विकास कार्यों से संतृप्त करने की तैयारी में विभाग जुट गया है। यह सभी गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य हैं। शासन की ओर से कुल एक करोड़ की धनराशि सात माह पहले जारी की गई थी।
करीब सात माह पहले शासन की ओर से जिले के अनुसूचित जाति व जनजाति बाहुल्य पांच गांवों को विकास कार्यों से संतृप्त करने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयन किया गया। इन गांवों में अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से एक करोड़ की धनराशि जारी की गई। टेंडर में लेट लतीफी के कारण इन गांवों में विकास कार्य काफी विलंब से शुरू हो सके। अब तक कुल 65 फीसदी ही कार्य हो सके हैं। शासन ने इस कार्य के लिए बतौर नोडल समाज कल्याण विभाग को नामित करते हुए प्रति गांव 20 लाख यानि कुल एक करोड़ की धनराशि भी उपलब्ध करा दी। समाज कल्याण विभाग ने शासन की ओर से नामित कार्यदायी संस्था सीडको को धनराशि उपलब्ध कराते हुए चयनित गांवों में कार्य कराने की जिम्मेदारी दी। लेकिन पांच माह टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने में ही बीत गए। हालांकि अब इन गावों में कार्यदायी एजेंसी की ओर से कार्य जारी है लेकिन अभी भी अपेक्षात्मक गति नहीं पकड़ सकी है। अब विधान चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो चुकी है लिहाजा अधिकारियों का जोर संचालित विकास कार्यों को पूरा कराने पर है। अधिकारियों की ओर से कार्यदायी संस्था को फरवरी माह में कार्य को हर हाल में पूरा कराने को कहा गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक करीब 65 फीसदी कार्य हो चुके हैं। सभी गांवों में हुए कार्य प्रगति के बाबत सीडको से रिपोर्ट मांगी गई है। एजेंसी को विकास कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।